टूंडला। पहाड़ों व मैदानी क्षेत्रों में हो रही लगातार बरसात से यमुना का जलस्तर निरंतर बढ़ रहा है। बुधवार सुबह जलस्तर में और बढ़ोतरी हो गई। बुधवार को मंगलवार की अपेक्षा दो फीट के करीब जलस्तर बढ़ गया। कालिंदी के बढ़ते जलस्तर के साथ ही किसानों की चिंताएं भी बढ़ रही हैं। किसानों को खादरों में हाल में बोई सब्जियों आदि की फसलों की चिंता सता रही है।हथिनी कुंड से छोड़ा गया एक लाख क्यूसेक पानी अभी मथुरा भी नहीं पहुंचा है, लेकिन पहाड़ों व मैदानी इलाकों में हो रही भारी बरसात से पिछले तीन दिनों से कालिंदी जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। बुधवार तेजी से कालिंदी जलस्तर बढ़ा। लगातार बढ़ते जलस्तर से किसानों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। किसानों का कहना है कि अगर जलस्तर इसी तहर बढ़ा तो यमुना की खादरों में हाल में बोई बाजरा, मक्का, ज्वार की फसलें पूरी तरह से नष्ट हो जाएंगी।
इसके साथ ही खादरों में खड़ी सब्जियों व चारा आदि भी यमुना में समा जाएगा। तटवर्ती किसानों ने बताया कि अगर तीन से चार फीट पानी और बढ़ गया तो बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। साथ ही पानी गांव में प्रवेश कर सकता है। ग्रामीण यमुना के बढ़ते जलस्तर पर नजर रखे हुए हैं।
बाढ़ के हालात बने तो गांव होंगे प्रभावित
यमुना में निरंतर बढ़ रहा जलस्तर नगला केशों, रुधऊ मुस्तकिल, अनवारा, जटपुरा, बालमपुर, रसूलाबाद, गदलपुरा, रामगढ़, बजहेरा, नगला काले, कुतुकपुर साहब, ठार डेका, ठार वर, ठार हरवंस, नगला राजपति, ग्वारई, घुरुकूआं, नगला नंदा, नगला मूसटा, नियामतपुर, नगला नंदा आदि गांव हैं।