फिरोजाबाद। शहर की पहचान घंटाघर के पुनरुद्धार और नवीनीकरण की सभी अड़चनें अब दूर हो गई हैं। नगर निगम ने दशकों पुराने इस घंटाघर को आधुनिक और भव्य रूप देने के लिए बृहस्पतिवार को 1.25 करोड़ रुपये का टेंडर जारी कर दिया है। तकनीकी समिति की हरी झंडी मिलने के बाद अब जल्द ही धरातल पर काम शुरू होने की उम्मीद है।
बता दें कि घंटाघर के नवीनीकरण की योजना पिछले छह माह से अधर में लटकी थी। मुख्य कारण कार्यस्थल पर जगह की कमी और संशोधित मानचित्र की वजह से लागत का बढ़ जाना था। पहले की कार्ययोजना में बदलाव करते हुए अब नई कार्ययोजना तैयार की गई है। संशोधित मानचित्र को तकनीकी समिति (नगर निगम और पीडब्ल्यूडी) ने गहन परीक्षण के बाद अपनी मंजूरी दे दी है।
चार पिलरों पर टिका होगा बेस, आवागमन नहीं होगा बाधित
घंटाघर के निर्माण के लिए नगर निगम ने एक अनूठा इंजीनियरिंग मॉडल तैयार किया है। कार्यस्थल पर जगह कम होने के कारण इसे सड़क के चारों कोनों पर चार मजबूत पिलर खड़े करके बनाया जाएगा। इससे सड़क पर चलने वाले राहगीरों और वाहनों को कोई परेशानी नहीं होगी और घंटाघर सड़क के ऊपर एक भव्य ढांचे के रूप में नजर आएगा।
पेरिस के एफिल टॉवर की तर्ज पर होगी डिजाइन
महापौर कामिनी राठौर के अनुसार नए घंटाघर की डिजाइन बेहद खास होगी। इसकी झलक फ्रांस की राजधानी पेरिस के प्रसिद्ध एफिल टावर से मिलती-जुलती नजर आएगी, जो शहर के सौंदर्यकरण में चार चांद लगाएगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण एजेंसी को कार्य आदेश जारी कर दिया जाएगा।
घंटाघर के पुनरुद्धार और नवीनीकरण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुरानी कार्ययोजना में कुछ तकनीकी संशोधन किए गए हैं। नए मानचित्र और डिजाइन के अनुसार इस प्रोजेक्ट पर लगभग 1.25 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- आशीष शुक्ला, एक्सईएन (निर्माण), नगर निगम