सेंट्रल एक्साइज कानपुर की टीम ने बुधवार तड़के फिर से राजा का ताल स्थित आलोक ग्लास फैक्ट्री में छापा मारा। एक टीम फैक्टरी के पार्टनर मोहित कुमार के आवास पर पर भी गई लेकिन वहां कोई नहीं मिला। दिन भर टीम उनके लौटने का इंतजार करती रही। इस फैक्टरी और उसके संचालकों पर एक माह में यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है। टीम का कहना है कि कई फर्जी कंपनियां बनाकर ट्रेडिंग करने का मामला पकड़ में आया है, इसके चलते बार बार छानबीन और कार्रवाई की जा रही है। देर शाम तक अभिलेखों की पड़ताल जारी थी।
सेंट्रल एक्साइज के सहायक निदेशक प्रदीप शर्मा के नेतृत्व में पहुंची टीम ने सबसे पुलिस को साथ लिया और सुबह करीब छह बजे एक साथ दो स्थानों पर कार्रवाई शुरू की। एक टीम राजा के ताल में स्थित आलोक ग्लास फैक्ट्री पर पहुंची और फैक्ट्री का गेट बंद करा दिया। किसी को बाहर नहीं निकलने दिया और सभी अभिलेखों को कब्जे में ले लिया। दूसरी टीम फैक्ट्री के पार्टनर मोहित अग्रवाल के गणेश नगर स्थित आवास पर पहुंची। पॉश इलाके में भारी संख्या पुलिस को देख हड़कंप जैसी स्थिति रही, पार्क में टहल रहे लोग अपने घरों में चले गए और गेट बंद कर लिए। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो टीम ने जब मोहित के मकान में घुसने का प्रयास किया तो गेट पर गार्ड ने रोक दिया। इसको लेकर टीम और गार्ड के बीच नोक-झोंक भी हुई। उसने टीम पर अभद्रता करने का आरोप लगाया। टीम में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि फैक्ट्री के संचालक दीपक गुप्ता से फोन पर बात हुई थी। उन्होंने मोहित अग्रवाल के आने की बात कही। इसी कारण उनके आने का इंतजार कर रहे हैं। एक्साइज टीम ने बताया कि कई ट्रेडिंग कंपनियां बनाकर टैक्स की चोरी करने का मामला संज्ञान में आया है। पूर्व में हुई कार्रवाई के दौरान अभिलेखों की पड़ताल में कुछ और कंपनियां सामने आई थीं। इसके चलते फिर से आना पड़ा।
सेंट्रल एक्साइज की दस्तक से औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप
सेंट्रल एक्साइज कानपुर की टीम की दस्तक से औद्योगिक क्षेत्र में दिन भर हड़कंप मचा रहा। कारोबारी सकते में रहे। जिस तरह से सुहाग नगरी को एक्साइज विभाग ने निशाने पर लिया है उससे बडे़ कारोबारी सांसत में हैं। उद्योगपति दिन भर छापेमारी की टोह लेते रहे। आलोक ग्लास के साझीदार मोहित अग्रवाल के गणेश नगर स्थित आवास पर भी टीम पहुंची थी। यहां का माहौल सुबह से बदला-बदला दिखा। पाश कालोनी में अधिकांश औद्योगिक जगत से जुडे़ लोग ही रहते हैं। सुबह पुलिस फोर्स को देखकर कालोनी के पार्कों में टहलने वाले भी दंग रह गए। उन्होंने अपने मुख्य गेटों को बंद कर लिया। उद्यमियों को चिंता यही सताती रही कहीं टीम का रुख उनकी ओर नहीं हो जाए। कई फैक्ट्रियों के संचालक तो टीम की कार्रवाई के बारे में जानकारी करते रहे। उधर आलोक ग्लास में टीम ने स्टाफ को बाहर तक नहीं जाने दिया। मुख्य गेट बंद करा देने के कारण श्रमिकों तक को काम के लिए अंदर जाने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। टीम देर शाम तक यहां अभिलेखों की जांच पड़ताल करती रही। सेंट्रल एक्साइज टीम ने आलोक ग्लास एवं उनके पार्टनरों के यहां तीसरी बार छापामार कार्रवाई की है।