टूंडला। हाईवे की परिधि में आए दुकानों व भवनों को तोड़ने के लिए एनएचएआई पूरा खाका तैयार कर चुका है। दुकानदारों व भवन स्वामियों को दिए नोटिस की समय सीमा समाप्त हो गई है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो सोमवार से एनएचएआई की टीमें दुकानों व भवनों को तोड़ने का कार्य करेगी। एनएचएआई के अधिकारियों के मुताबिक सबसे पहले फिरोजाबाद सर्विस लेन को तोड़ेगी। एनएचएआई ने करीब 20 साल पहले आगरा-फिरोजाबाद राजमार्ग के चौड़ीकरण के लिए हाईवे की परिधि में आए दुकानों, भवनों का तयशुदा मुआवजा देते हुए दुकानें खाली कराने का कहा था। लेकिन एनएचएआई ने मुआवजा देने के बावजूद ओवरब्रिज बनने से आवागन सुचारू होने पर उन्हें नहीं तोड़ा। तब से दुकानें व भवन पूर्व की तरह स्थित हैं। पिछले एक पखवाड़े पूर्व एनएचएआई ने दुकानें तोड़े जाने के लिए दुकानदारों को नोटिस जारी किए थे, जिस पर दुकानदारों ने विरोध किया था। उनका कहना था कि उन्हें मुआवजा या दुकानें बनाकर दी जाएं।
इधर, एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि हाईवे की परिधि में आने वाले सभी दुकानदारों व भवन स्वामियों को वर्षों पूर्व मुआवजा दिया जा चुका है। अब हाईवे ऑथोरिटी अपनी जगह वापस ले रही है। सोमवार से दुकान व भवनों को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
सबसे पहले फिरोजाबाद की दक्षिण लेन होगी साफ
एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि दुकानों, भवनों का चिह्निकरण कर लिया गया है। सबसे पहले फिरोजाबाद लेन की सेठलाल बिल्डिंग सहित अंत तक सड़क को चौड़ा किया जाएगा। इसके उपरांत अन्य लेनों को चौड़ा किया जाएगा।
विरोध हुआ तो पुलिस-पीएसी के सहयोग से तोड़ीं जाएंगी दुकानें
नोटिस मिलने के बाद जिस तरह दुकानदार विरोध कर रहे हैं तथा दुकान बनवाकर दिए जाने व मुआवजे की मांग कर रहे हैं, उसको लेकर अधिकारी थोड़े सशंकित हैं। प्रोजेक्ट मैनेजर भावेश पटेल ने बताया कि वैसे तो एनएचएआई की टीमें इस कार्य को स्वत: ही करेंगी। अगर किसी ने व्यवधान डाला तो प्रशासन से पुलिस, पीएसी व प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से ध्वस्तीकरण का कार्य किया जाएगा।
हाईवे ऑर्थोरिटी दुकानदार व भवन स्वामियों को नोटिस दे चुकी है। दुकानदारों ने 10 दिन का समय मांगा था, वह भी पूरा हो चुका है। सोमवार से एनएचएआई की टीमें सुभाष चौराहे पर दुकान, भवन आदि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगी। जरूरत पड़ने पर प्रशासन का सहयोग लिया जाएगा।
भावेश पटेल, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई आईआरबी, आगरा