जिला मुख्यालय पर कर्मचारियों ने रैली को निकालकर विकास भवन के बाहर प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। चेतावनी दी कि मांगों को जब तक नहीं माना जाएगा आंदोलन जारी रहेगा। 22 और 23 दिसंबर को कलमबंद हड़ताल रखने का निर्णय लिया।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय आह्वान पर जिले के कर्मचारी विकास भवन के बाहर पहुंचे। वहां से परिषद के अध्यक्ष लटूरी के निर्देशन में कर्मचारियों ने रैली निकाली। रैली विकास भवन से शुरू होकर एआरटीओ, सेवायोजन कार्यालय, व्यापारकर विभाग, डीआईओस, जिला पंचायत, सीएमओ कार्यालय, बेसिक शिक्षा विभाग एवं उप कृषि निदेशक कार्यालय से होते हुए वापस विकास भवन पहुंची। वहां नरेंद्र शर्मा ने कहा पेंशन की पुरानी व्यवस्था को लागू किया जाए। प्रेम प्रकाश और मुलायम सिंह ने कहा कि केंद्र के समान मकान भत्ता भी मिले। रमेशचंद्र शर्मा ने कहा कर्मचारियों को अर्जित अवकाश के 600 दिन का भुगतान सेवा निवृत्त होने के बाद किया जाए। श्रीकृष्ण एवं संदीप दीक्षित ने कहा कि कर्मचारियों को आठ, 16 एवं 24 पर अगला ग्रेड वेतन की जगह अगला पदोन्नति का ग्रेड वेतन मिले। रामवीर एवं उमाशंकर ने कहा कि वर्ष 1991 से नियुक्त दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित किया जाए। प्रभाकर एवं वीके सिंह ने कहा 22 एवं 23 दिसंबर को कलमबंद हड़ताल रहेगी। दिलीप लोहिया, जगवीर सिंह, सरोज देवी, शमा बेगम, अतुल अग्रवाल, सुरेश कटारा, कासिम अली, शाहिद अली, रूपकिशोर, अनार सिंह आदि थे। संचालन प्रमोद शर्मा एवं दिनेश यादव ने किया।