फिरोजाबाद। शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम डाहिनी में विवाहिता पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर जिंदा जलाने और हत्या करने के बहुचर्चित मामले में एफटीसी-1 देव दत्त की अदालत ने मृतका के देवर और ननद को हत्या के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 30-30 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, साक्ष्य के अभाव में ससुर राजपति और सास शारदा देवी को हत्या व दहेज हत्या के आरोपों से बरी कर दिया गया।
शिकोहाबाद के ग्राम डाहिनी निवासी वीरभान के साथ ओमवती की शादी 29 जनवरी 2020 को हुई थी। मृतका की मां नेक्सी देवी के द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, 6 सितंबर 2021 की सुबह करीब 8 बजे जब ओमवती रसोई में खाना बना रही थी, तभी उसके देवर नीतेश ने पीछे से ज्वलनशील पदार्थ फेंका और ननद रामवती उर्फ प्रीति ने माचिस जलाकर आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसी अवस्था में ओमवती को शिकोहाबाद, आगरा और बाद में सफदरजंग अस्पताल नई दिल्ली में भर्ती कराया गया, जहां 19 सितंबर 2021 को इलाज के दौरान 75% जलने व संक्रमण (सेप्टीसीमिया) के कारण उसकी मृत्यु हो गई।
मृत्यु पूर्व बयान बने सजा का मुख्य आधार
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष मृतका के दो मृत्यु पूर्व बयान (एक आगरा में एसीएम प्रीति जैन द्वारा और दूसरा सफदरजंग दिल्ली में तहसीलदार अनिल कुमार द्वारा दर्ज) तथा डॉक्टरों के बयान पेश किए गए। दोनों मृत्यु पूर्व बयानों में मृतका ने स्पष्ट और एकरूपता के साथ बताया था कि उसके देवर नीतेश और ननद रामवती उर्फ प्रीति निवासी नंदपुर, सिरसागंज ने मिलकर उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाई थी। अदालत ने इन बयानों को ठोस, अकाट्य और विश्वसनीय माना। अदालत ने दोनों अभियुक्तों नीतेश तथा रामवती उर्फ प्रीति को आजीवन कारावास और 30-30 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न अदा करने पर 1 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि वसूल की गई कुल जुर्माना राशि का 90 प्रतिशत हिस्सा मृतका ओमवती की अनाथ मासूम बेटी (तान्या) को प्रतिकर (मुआवजे) के रूप में प्रदान किया जाएगा।