फिरोजाबाद। अब बैंडबाजों की गूंज फिलहाल नहीं सुनाई देगी। क्योंकि 53 दिन के लिए सहालग खत्म हो गए हैं। 23 फरवरी को गुरु गृह अस्त हो रहे हैं। हालांकि चार मार्च को फुलेरा दौज के अनबूझे मुहूर्त में शादियां होंगी। इसके बाद अप्रैल माह में 15 तारीख से सहालग शुरू होंगे।
23 फरवरी से 26 मार्च तक गुरुतारा अस्त हो जाएगा। 14 मार्च से 14 अप्रैल तक मीन खरमास रहेगा। इसके कारण वैवाहिक कार्यक्रम नहीं होंगे। बाद में 15 अप्रैल से विवाह मुहूर्त शुरू हो जाएंगे। रामेश्वरनाथ महादेव मंदिर के महंत अनूप शास्त्री ने बताया कि लड़की के गुरू और लड़के के सूर्य-चंद्रमा के ज्योतिषीय गणित के आधार पर विवाह निकाले जाते हैं। इसमें खास ध्यान यह रखना पड़ता है कि विवाह वाले दिन चंद्रमा शुभ होना चाहिए।
चंद्रमा नेष्ट (खराब) होने वाले दिन विवाह नहीं निकलते हैं। उन्होंने बताया कि चार मार्च को फुलेरा दौज होने के कारण इस दिन अबूझ मुहूर्त होता है। इस दिन बड़ी संख्या में शादियां होती हैं। हालांकि शादी के लिए सहालग का सीजन 15 अप्रैल से शुरू होंगे जो मई, जून, जुलाई तक चलेंगे। इसके बाद नवंबर-दिसंबर माह में सहालग शुरू होंगे।