श्रीराम के समझाने के बाद लंकापति रावण सीता को लौटाने को तैयार नहीं हुआ तो युद्ध शुरू हो गया। मेघनाद ने लक्ष्मण के ऊपर शक्तिबाण चला दिया, जिससे लक्ष्मण मूर्छित हो गए। हनुमान संजीवनी बूटी लेकर आए तब सुषैन वैद्य ने लक्ष्मण को ठीक किया। लक्ष्मण के ठीक होते ही रामलीला मैदान श्रीराम, जय हनुमान के जयकारों से गूंज उठा।
श्री सनातन धर्म रामलीला महोत्सव समिति के तत्वावधान में आयोजित रामलीला मंचन में श्रीराम का डोला पहुंचते ही श्रीराम और रावण सेना के बीच युद्ध शुरू हो गया। रावण सेना का नेतृत्व मेघनाद कर रहा था। मेघनाद ने शक्तिबाण का प्रयोग कर लक्ष्मण को मूर्छित कर दिया। लक्ष्मण के मूर्छित होते ही राम की सेना में सन्नाटा छा गया। हनुमान मूर्छित लक्ष्मण को लेकर सेना के साथ श्रीराम के पास पहुंचे। भाई लक्ष्मण को मूर्छित देख भगवान राम कहने लगे कि तुम बिन भईया अब कौन है धीर धरईया। लक्ष्मण के मूर्छित होने पर वीर हनुमान लंका से सुषैन वैद्य को लेकर आए। सुषैन वैद्य की सलाह पर हनुमान तुरंत संजीवन बूटी लेने चल दिये। संजीवनी बूटी आते ही सुषैन वैद्य ने लक्ष्मण को ठीक कर दिया। लक्ष्मण के ठीक होते ही श्रीराम की सेना में हर्ष की लहर दौड़ गई। लक्ष्मण के ठीक होते ही श्रीराम कुंभकरण से युद्ध करने चल दिए। युद्ध के दौरान भगवान राम ने कुंभकरण का वध कर दिया। रामलीला मैदान में मौजूद सैकड़ों दर्शक लक्ष्मण शक्ति की लीला देख भावविभोर हो गए। श्रीराम की आरती उतारने के साथ ही डोला वापस हुआ।
रामलीला में आज
श्री सनातन धर्म रामलीला महोत्सव के अंतर्गत गुरुवार को रामलीला मैदान में मेघनाद द्वारा लक्ष्मण के साथ युद्ध करना, लक्ष्मण द्वारा मेघनाद वध, सुलोचना सती की लीला का मंचन होगा।