बाईपास से गुजरती ओवरलोड कैंटर। संवाद
फिरोजाबाद। लखनऊ, रायबरेली और फतेहपुर के एआरटीओ के खिलाफ ओवरलोडिंग न रोकने के मामले में निलंबन की कार्रवाई से भी फिरोजाबाद प्रशासन, परिवहन विभाग सबक नहीं ले रहा है। जिले में ओवरलोड वाहनों के खिलाफ चल रहे अभियान में एनएचएआई की भूमिका भी अच्छी नहीं है। टूंडला और सिरसागंज टोल प्लाजा से परिवहन विभाग को ओवरलोड वाहनों का डेटा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, जिससे अवैध परिवहन को बढ़ावा मिल रहा है। इन वाहनों के चालान नहीं हो रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि जिला प्रशासन, परिवहन विभाग और पुलिस की नाक के नीचे सबसे अधिक ओवरलोडिंग अवैध खनन करने वाले मिट्टी लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपरों से हो रही है। ये वाहन न केवल सड़कों को क्षतिग्रस्त कर रहे हैं, बल्कि आए दिन भीषण हादसों का कारण भी बन रहे हैं। परिवहन विभाग के एआरटीओ सुरेशचंद यादव का कहना है कि डेटा के अभाव में ओवरलोड वाहनों को चिन्हित करना मुश्किल हो रहा है। एनएचएआई द्वारा सहयोग न किए जाने के कारण करोड़ों के राजस्व का चूना लग रहा है। कई बार पत्राचार किए जाने के बाद भी टूंडला और सिरसागंज टोल प्लाजा से ओवरलोड वाहनों का डेटा नहीं दिया जा रहा है।