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बीडीसी के पति की गोली मारकर हत्या

Sun, 21 Feb 2016 10:59 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
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 मतदान के दौरान हाथवंत ब्लाक के गांव हुसैनपुर जगे में बीडीसी सदस्य के पति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मतदान केंद्र के मार्ग पर दबंगों ने वारदात को अंजाम दिया और असलाह लहराते हुए फरार हो गए। युवक की हत्या की खबर पर परिवारीजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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 थाना खैरगढ़ क्षेत्र के गांव हुसैनपुर जगे निवासी आलोक कुमार यादव (27) पुत्र अनार सिंह यादव मर्चेंट नेवी में नौकरी करता था। आलोक की पत्नी सरिता हुसैनपुर जगे गांव के वार्ड संख्या 22 से बीडीसी सदस्य है। सरिता अपने पुत्र सिंकदर (4) और बेटी परी (1) के साथ शिकोहाबाद स्थित प्रतापपुर चौराहा पर आलोक के चाचा मुकुट सिंह के मकान में रहती है। आलोक जनवरी माह में अवकाश पर घर आया था। रविवार को गांव में क्षेत्र पंचायत उपचुनाव होने के कारण वह कार से गांव जा रहा था। बताया जाता है कि गांव के बाहर कछलई पुलिया पर कुछ लोगों ने उसे रोक लिया। यहां आलोक लोगों से बातचीत करने लगा, तभी उनमें से किसी ने आलोक को गोली मार दी। गोली आलोक के सिर में लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आलोक की हत्या की खबर सुनते ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया। परिवारीजन ग्रामीणों और पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए।  पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को पीएम के लिए भेज दिया। उधर, मृतक आलोक की पत्नी सरिता देवी की तहरीर पर खैरगढ़ पुलिस ने ग्राम प्रधान विजयपाल पुत्र शैतान सिंह, प्रदीप पुत्र विजय पाल, ललईया निवासी बछलई के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है।


 छावनी बन गया अस्पताल  
बीडीसी सदस्य के पति की हत्या के बाद अस्पताल को छावनी बना दिया गया। सीओ सिटी के साथ कोतवाल उत्तर, दक्षिण के साथ क्यूआरटी के जवान शव का पीएम न होने तक अस्पताल में कैंप किए रहे। वहीं जिला अस्पताल पहुंचे एसपी सिटी उदय शंकर सिंह ने पीड़ित परिजनों से घटना की जानकारी करने के साथ ही जल्द न्याय दिलाने का अश्वासन दिया।
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सैफई का नाम सुनते ही दौड़ी पुलिस
मृतक आलोक की पत्नी सरिता मूल रूप से सैफई की रहने वाली हैं। ऐसे में सरिता के परिवार का सपा मुखिया के परिवार से करीबी रिश्ता है। घटना के बाद सरिता के परिवारीजनों ने सपा नेताओं को पूरे मामले से अवगत कराया तो पुलिस अधिकारियों के फोन की घंटियां बजना शुरू हो गई। इस कारण पुलिस अधिकारी आलोक हत्याकांड में किसी तरह की लापरवाही बरतने से बचते नजर आए।

 पूर्व प्रधान का चचेरा भाई है मृतक  
मृतक आलोक पूर्व प्रधान पिंकू यादव पुत्र श्याम सिंह का खास चचेरा भाई था। पंचायत चुनाव से पूर्व गांव की प्रधानी पिंकू यादव के पास थी लेकिन इस बार चुनाव हारने के कारण प्रधानी हुसैनपुर जगे निवासी विजयपाल के पास चली गई। तभी से दोनों पक्षों के बीच रंजिश है।
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