फिरोजाबाद। मंगलवार रात को झमाझम बारिश के बाद शहर की सड़कें पूरी तरह से जलमग्न हो गईं। बुधवार सुबह तक रिमझिम बारिश हुई। लोग घरों से बाहर निकले तो शहर में हर तरफ सड़कों पर पानी भरा दिखाई दिया। गांधी पार्क चौराहा से लेकर आर्यनगर होते हुए हाईवे की ओर जाने वाले रास्ते पर जलभराव रहा। कोटला चुंगी से बड़े डाकखाना चौराहा की ओर जाने वाला रास्ता पूरी तरह से जलमग्न दिखा। लोग जलभराव के बीच होकर गुजरे मार्ग पर पानी भरा होने के कारण श्रद्धालु पूजा अर्चना करने के लिए मंदिरों तक नहीं पहुंच सके। लोगों ने घर और क्षेत्रीय मंदिरों में ही पूजा अर्चना की।
वहीं रामद्वार के समीप सब्जी के ठेल भी जलभराव के बीच सड़क पर खड़े दिखाई दिए। इसके चलते बुधवार को सुहागनगरी के बाजार भी देेरी से खुले। जबकि सर्विस रोड पर जलमग्न होने के कारण लोग दवा की दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे थे। सर्विस रोड पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बाधित रही। बारिश थमने के साथ ही जहां जलेसर रोड का पानी पूरी तरह से निकल गया। वहीं नई बस्ती, मूला सिंह का चौराहा, करबला, चंद्रवारगेट, पेमेश्वरगेट, हुंडावाला आग के साथ हाजीपुरा, रामगढ़ रोड, कोहिनूर रोड के साथ अन्य प्रमुख मार्ग पूरी तरह से जलमग्न हो गए। लोगों को जलभराव के बीच होकर गुजरना पड़ा।
मेडिकल कॉलेज में जलभराव से प्रसूता हुईं परेशान
फिरोजाबाद। मंगलवार रात से रुक-रुककर हुई बारिश नई आबादी में रहने वालों के साथ उपचार के लिए जिला अस्पताल आए मरीज और तीमारदारों के लिए मुसीबत बन गई। मरीजों और तीमारदारों को जलभराव से होकर गुजरना पड़ा। प्रसव पीड़ा से परेशान टापाकलां निवासी ऊषा देवी को परिवारीजन ऑटो से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल परिसर में जलभराव होने के कारण प्रवेश करते ही ऑटो बंद हो गया। अस्पताल के गेट तक ऑटो को ले जाने के लिए परिवारीजन ऑटो में धक्का लगाने को विवश हो रहे थे। जबकि ऑटो में सवार ऊषा देवी प्रसव पीड़ा से काफी परेशान थीं।
नई आबादी क्षेत्र की गलियां बनी दलदल
नई आबादी क्षेत्र की कच्ची गलियां दलदल में तब्दील हो गईं थीं। जिसको लेकर लोगों को निकलने के लिए रास्ता तक नहीं बचा था। लोग प्लाटों की बांउड्री से होकर गुजरने के लिए बाध्य हो रहे थे। सबसे खराब स्थिति ठारपूठा, द्वारिकापुरी, श्रीपाल कॉलोनी, नई आबादी नगला पचिया, नई आबादी हिमायूंपुर, नगला भाऊ के साथ गांव बासठ के साथ अन्य क्षेत्रों की थी। कहीं गलियों में जलभराव हो गया था। तो कहीं पर सड़क दलदल में तब्दील हो गई थी।