फिरोजाबाद। पांच दिवसीय बैंकिंग कार्य सप्ताह की मांग पर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के आह्वान पर बैंक कर्मचारियों ने देशव्यापी हड़ताल की। हड़ताल का असर जिले में व्यापक रूप से देखने को मिला। जिले में पिछले 4 दिनों से बैंकिंग सेवाएं ठप रहने के कारण करीब 300 करोड़ से अधिक का लेनदेन प्रभावित हुआ है, जिससे आम जनता, व्यापारियों और उद्योग जगत को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हड़ताल के चलते चेक क्लियरिंग, नकद लेनदेन, ऋण संबंधी कार्य, ड्राफ्ट और अन्य महत्वपूर्ण बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह से बाधित रहीं। हालांकि ऑनलाइन लेनदेन और डिजिटल भुगतान सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहीं।
यूपी बैंक इंपलाइज यूनियन (यूएफबीयू) के तत्वावधान में पर बैंक कर्मचारियों ने छिंगामल का बाग स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा पर धरना दिया और नारेबाजी की। इस आंदोलन में लगभग सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी संगठनों ने भाग लिया।
यूएफबीयू यूनिट के चेयरमैन अशोक माहेश्वरी ने कहा कि बैंक कर्मचारी लंबे समय से 5-दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। पीएबीएसए के जिला सचिव मनीष कुमार यादव ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक, भारतीय जीवन बीमा निगम और सामान्य बीमा निगम जैसी प्रमुख वित्तीय संस्थाएं पहले से ही 5 दिवसीय कार्य प्रणाली पर काम कर रही हैं, जबकि बैंक कर्मचारियों को अब भी 6 दिन कार्य करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि चार दिन से बंद है। करीब 300 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है।
उन्होंने कहा कि विदेशी मुद्रा, मुद्रा और शेयर बाजार, साथ ही केंद्र और राज्य सरकार के अधिकांश कार्यालय शनिवार को बंद रहते हैं। ऐसे में बैंकिंग सेक्टर को 5 दिवसीय कार्य सप्ताह से अलग रखना उचित नहीं है।
हड़ताल के कारण जिले में पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और भारतीय स्टेट बैंक सहित कई राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाएं बंद रहीं।
इस दौरान पीएनबीएसए के अध्यक्ष अरविंद यादव, सचिन गुप्ता, रामप्रताप सिंह, मुकेश बाबू, राजेश कुमार, भंवरी सिंह, प्रदीप, अमरीश, अनुपम, रामरूप, रामवीर सिंह, अनुज कुमार, नेहा, भूपेंद्र, नमन यादव, आकाश कुमार, गौरव कुशवाह सहित बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी मौजूद रहे।
एटीएम भी जवाब दे गए, 4 दिन से नकदी संकट
जिले में बैंकों की हड़ताल का असर एटीएम सेवाओं पर भी साफ नजर आया। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लगे अधिकांश एटीएम से नकदी निकासी नहीं हो सकी। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि पिछले 4 दिनों से कई एटीएम खाली पड़े हैं, जिससे लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए भी नकद पैसा नहीं मिल पाया। एटीएम में कैश न डाले जाने से आम नागरिकों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा।