बैंक कर्मचारियों ने अपने राष्ट्रीय संगठन के आह्वान पर शुक्रवार को कामबंद हड़ताल रखी। बैंकों में हड़ताल के कारण शुक्रवार को उपभोक्ताओं को काफी दिक्क्त का सामना करना पड़ा। स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के बाहर प्रदर्शन किया। वहीं एसबीआई बैंक की क्लीरेंस हाउस बंद रहा।
बैंक कर्मचारी स्टेट बैंक ऑफ पटियाला पर एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के जिला सचिव अशोक माहेश्वरी ने कहा स्टेट बैंक के सहयोगी बैंक द्विपक्षीय समझौते को नकारते हुए प्रमोशन की नई प्रणाली लागू करना चाहते हैं। जिससे अन्य बैंकों के प्रबंधन का मनोबल बढ़ेगा। हम किसी भी कीमत पर दमनकारी नीतियों को लागू नहीं होने देंगे। हमें चाहे कितना ही संघर्ष करना पड़े। यूनियन से बात के बिना कोई सेवा शर्तें नहीं बदली जाएंगी। एसबीआई पटियाला के विक्रम सिंह, अनुराग शर्मा ने स्टेट बैंक की सहयोगी बैंकों के द्वारा श्रमिकों के विरोधी नीतियों को बंद करना चाहिए। पीएनबी बैंक के हरीश गौतम, अरविंद यादव एवं प्रशांत गौरव, लवकुश, राहुल व सलीम खान, जितेंद्र वर्मा ने कहा कि बैकों के द्वारा सेवा शर्तों को एकतरफा थोपा जा रहा है। महिला कर्मचारी सोनल बंसल, ट्रेसी सिन्हा, मधु, रेनू, बरखा दुबे ने कहा कि सेवा शर्तों में बदलाव भी यूनियन से बात करने के बाद किया जाना चाहिए। इंडियन बैंक के सुरेंद्र कुमार, कौशल किशोर, कैनरा बैंक के दलवीर सिंह, रमेशचंद्र व रामसेवक, विकास चंद्र, यूको बैंक के लाला बाबू वार्ष्णेय, गिरीश बाल्मीकि, इलाहाबाद बैंक के योंगेंद्र चौहान, अरविंद ने बैंक प्रबंधन से कर्मचारियों की मांगों को पूरा किए जाने की मांग की। ओबीसी के गोविंद सक्सेना, शैलेंद्र शर्मा, विनोद बाबू, सेंट्रल बैंक के राहुल व सुरेश एवं अनुपम ने कहा कि अनुकंपा के आधार पर तुरंत नियुक्तियां की जाएं। प्रदर्शन के दौरान विजय कुमार, धर्मेंद्र अजय कुमार, सुधीर गुप्ता, देवेंद्र कुमार, रामू, क्षेत्रपाल, आरिफ खान, धर्मपाल, राकेश कुमार, सुभाष सविता, रंधीर सिंह आदि शामिल थे। यूनियन अध्यक्ष महेशचंद्र गुप्ता ने सभी का आभार व्यक्त किया।