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कांच की बोतल बनाने वाले ऑटोमैटिक प्लांट शुरू होने की उम्मीद

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फिरोजाबाद। कांच उद्योग को पटरी पर लाने के प्रयास तेज हो गए हैं। फिलहाल विभिन्न शराब निर्माता कंपनियों को आपूर्ति की जाने वाली बोतल और जैम जार आदि का निर्माण करने वाली इकाइयों को शुरू करने की कवायद चल रही है। प्रदेश सरकारी और उद्योग विभाग के प्रयासों को देखते हुए 60 ग्लास इकाइयों और हैंडीक्राफट आइटम बनवाने वाली इकाइयां भी लॉकडाउन की बंदिशों से बाहर आने की तैयारी में जुट गई हैं। वहीं एमएसएमई योजना के तहत जिले की करीब 300 इकाइयां भी उत्पादन का पहिया घूमने के इंतजार में हैं।
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फिरोजाबाद में लघु एवं सूक्ष्म उद्योग में शामिल करीब 60 ग्लास निर्माता इकाइयां हैं। अधिकांश इकाइयों में विभिन्न किस्म के ग्लास आइटम बनाए जाते हैं। इसके अलावा एमएसएमई के तहत स्थापित 300 इकाई भी संचालित है। ग्लास डेकोरेशन और कॉरेगेशन का कार्य करने वाली इकाइयां भी लॉकडाउन की बंदिशों से निजात पाने की कोशिश में है। करीब सात सौ करोड़ का कारोबार करने वाली इन सभी इकाइयों में एक लाख, 75 हजार श्रमिकों को रोजगार मिलता है।
जानकारी के मुताबिक एमएसएमई योजनांर्तगत संचालित इन इकाइयों में से अधिकांश इकाइयां बैंक ऋण अथवा शासकीय योजनाओं से चल रही हैं। कामकाज ठप होने के कारण इन इकाइयों पर दोहरी मार पड़ रही है। नियमित कर्मचारियों को बिना कटौती वेतन का भुगतान एवं बैंक ईएमआई जैसी दोहरी मार से बेहाल इकाईयों के संचालक अब शासन-प्रशासन की ओर उम्मीद भी नजरों से देख रहे हैं।
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जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची आवेदक इकाइयों की फाइलें
शासन-प्रशासन की पहल के बाद औद्योगिक गतिविधियां शुरू कराने की इच्छुक इकाइयों के आवेदनों को जिला उद्योग केंद्र द्वारा अनुमोदन के लिए डीएम को प्रेषित कर दिया गया।
इससे पूर्व जिला उद्योग केंद्र के जिम्मेदार अफसरों एवं प्रमुख उद्योगपतियों के बीच औद्योगिक गतिविधियों के दौरान श्रमिकों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग व इकाईयों में सैनिटाइजेशन जैसे विषयों पर मंत्रणा हुई। सहायक विकास अधिकारी उद्योग संदीप यादव के अनुसार उत्पादन शुरू करने के इच्छुक उद्योगपतियों के आवेदन की फाइलें डीएम को अनुमोदन हेतु प्रेषित की गई है।
मंगलवार से गति पकड़ेगा उत्पादन का पहिया
उत्पादन शुरू होने की आस में इकाइयों में सैनिटाइजेशन, गैस प्रेशर और उत्पादन संबंधी अन्य आंतरिक गतिविधियां शुरू हो गईं। आवेदक इकाई संचालकों के अनुसार सब कुछ ठीक रहा तो सोमवार अथवा मंगलवार से उत्पादन प्रक्रिया दोबारा शुरू होने की उम्मीद है।
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कई इकाइयों ने बृहस्पतिवार को कार्मिकों के आवाजाही के पास बनाने और वाहन व्यवस्था के लिए जरूरी प्रयास शुरू कर दिए।
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