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आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को मिलेगी वरीयता

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फिरोजाबाद। आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध सरकारी अस्पतालों में लाभार्थी मरीजों को विशेष सुविधाएं मिलेंगी। इन मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाया जाएगा जो इन्हीं के लिए आरक्षित रहेगा। इनका काउंटर अलग होगा और ऐसे मरीजों को जांच और डायग्नोसिस में भी वरीयता देनी होगी। प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य देवेश चतुर्वेदी की ओर से इस संबंध में पत्र जारी किया गया है। सीएमओ ने सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने के लिए कहा है।
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सीएमओ डॉ. एसके दीक्षित ने बताया कि शासन से आए निर्देश को अमल में लाने के लिए तैयारी की जा रही है। जिला अस्पताल सहित जनपद में करीब 11 अस्पताल आयुष्मान योजना में शामिल हैं। शासनादेश के मुताबिक आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थियों के लिए इन सभी अस्पतालों पर अलग से काउंटर बनाए जाएंगे। जहां गोल्डेन कार्ड या प्लास्टिक कार्ड दिखाने पर प्राथमिकता के साथ ओपीडी की पर्ची दी जाएगी। अगर लाभार्थी के पास गोल्डन कार्ड नहीं है तो काउंटर से ही तत्काल उसका गोल्डन कार्ड बनवाया जाएगा।
आयुष्मान भारत योजना के को-ऑर्डिनेटर गौरव शाक्या ने बताया कि लाभार्थियों के लिए बनने वाले पृथक वार्ड में योजना के मरीजों का इलाज करने वाले सरकारी अस्पतालों के लिए प्रतिपूर्ति धनराशि की भी व्यवस्था है। पैथालॉजी, अल्ट्रासाउंड, सिटी स्कैन जैसी जांचों में भी लाभार्थी को वरीयता देने का निर्देश है। ऐसे मरीजों की पर्ची पर यह मोहर भी लगेगी कि वह आयुष्मान लाभार्थी हैं या नहीं।
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1416 प्रकार की बीमारियों का इलाज
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को जागरूक करने एवं अन्य सूचनाएं उपलब्ध कराने के लिए आशा कार्यकत्रियों को बुकलेट दी जाएगी। जिसमें विशेषज्ञता वार सूचीबद्ध अस्पतालों का ब्यौरा अंकित है। इसके अतिरिक्त समस्त सूचीबद्ध अस्पतालों में विशेषज्ञता वार बैनर लगाए गए हैं। सामाजिक एवं आर्थिक जनगणना 2011 के आधार पर ही इसके लाभार्थियों की सूची बनी है। सूची में शामिल लाभार्थी देश के किसी भी कोने में योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पताल में पांच लाख तक का निशुल्क इलाज करा सकता है। योजना में 1416 प्रकार की बीमारियों का इलाज होता है। लेकिन इसका लाभ सिर्फ भर्ती होने के बाद ही मिल पाता है।
84,209 लाभार्थियों के बने गोल्डन कार्ड
जनपद में एक लाख 30 हजार आयुष्मान भारत योजना के पात्र परिवार हैं। इनमें 84,209 लोगों ने गोल्डन कार्ड बनवा लिए हैं। सूचीबद्ध अस्पताल में योजना का गोल्डन कार्ड निशुल्क बनता है। जबकि सहज जन सेवा केंद्रों पर यह कार्ड 30 रुपये देकर बनवाए जा सकते हैं।
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