फिरोजाबाद। ओलावृष्टि से तीन गांवों के 1290 किसानों की 355 हेक्टेयर फसलें बरबाद हुईं। जिसका तहसील प्रशासन ने आंकलन करके शासन से 48 लाख रुपये से अधिक मुआवजे की मांग की है। इसमें गेहूं के साथ-साथ सरसों एवं जौ की फसल पर असर पड़ा है।
करीब एक पखवाड़ा पूर्व यमुना की तलहटी में बसे गांव वासुदेवपुर, सुजातगढ़ एवं चंद्रवार ग्राम पंचायत के मजरा सुजातगढ़ में भारी ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसलें बरबाद हो गई थीं। डीएम चंद्रविजय सिंह ने किसानों को हुई हानि के लिए सदर तहसील की टीम द्वारा गांव में किसानवार सर्वे करने का निर्णय लिया था। तहसील सदर की टीमों ने सर्वे के बाद रिपोर्ट में बताया कि ओलावृष्टि से तीन गांवों के 1290 किसानों की 355 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई थी। इसमें 245 हेक्टेयर के करीब गेहूं की फसल, 90 हेक्टेयर सरसों तथा दस हेक्टेयर के करीब जौ की फसल शामिल थी।
इन किसानों को शासन से मुआवजा दिलाए जाने के लिए करीब 48 लाख रुपये की मांग की गई है। तहसीलदार सदर डॉ. संतराज सिंह ने कहा कि शासन से मुआवजा आने के बाद किसानों को इसका वितरण कराया जाएगा।