सदर तहसील में भरे पानी से निकलते एसडीएम राजेश कुमार वर्मा।
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फिरोजाबाद। सदर तहसील के गेट पर जलभराव की समस्या का सालों से दंश झेल रहे अधिवक्ता बुधवार को आक्रोशित हो गए गया। न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर गेट बंद कर धरना दिया। एसडीएम सदर की गाड़ी को गेट पर रोक उन्हें गाड़ी से उतार दिया। बोले, वकील तो रोज जलभराव से आते हैं आप भी चलकर देखें। इसके बाद एसडीएम को जलभराव के बीच से गुजारा।
रेवेन्यू बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने साथी अधिवक्ताओं के साथ सदर तहसील का मुख्य गेट बंद कर दिया औरप्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
तभी एसडीएम सदर राजेश कुमार वर्मा भी पहुंच गए। अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए एसडीएम की गाड़ी को रोक लिया और उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन वो नहीं माने। अधिवक्ताओं का कहना था कि जलभराव की समस्या के निस्तारण के लिए डीएम और मंडलायुक्त तक को बता चुके हैं। एसडीएम, तहसीलदार और नगर मजिस्ट्रेट को अवगत कराया जा चुका है। इसके बाद भी निस्तारण नहीं हुआ। जलभराव होने से वादकारियों के साथ अधिवक्ताओं व तहसील कर्मचारियों को दिक्कत होती है। फिर एसडीएम से बोले आज वह स्वयं इस पानी से होकर दफ्तर तक जाएं। एसडीएम जलभराव से होकर पैदल अपने कक्ष में पहुंचे। तहसील प्रशासन को चेतावनी दी है कि जब तक जलभराव की समस्या का स्थायी हल नहीं होता, तब तक अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। रेवेन्यू बार अध्यक्ष दुर्गेश चंद्र जैन, अतवीर सिंह, अशोक शर्मा, चरन सिंह यादव आदि मौजूद रहे।
एसडीएम सदर की गाड़ी रोके जाने की सूचना पर दक्षिण थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। इस पर अधिवक्ता पुलिस आने का विरोध करने लगे। हालांकि एसडीएम का कहना है उन्होंने पुलिस नहीं बुलाई है। एलआईयू ने जानकारी दी हो।
अधिवक्ताओं ने तहसील के गेट में ताला डाल दिया था। उस वक्त मैं तहसील में नहीं था। तहसील आने पर जानकारी हो सकी। जलभराव की समस्या से अवगत कराया तो उनके साथ जलभराव देखने गया था। अधिवक्ताओं को समझाकर गेट का ताला खुलवाया गया। पानी की निकासी के लिए नगर आयुक्त को पत्र लिखा गया है।
राजेश कुमार, एसडीएम सदर
एसडीएम का पत्र मिला है। पानी की निकासी कराई जाएगी। सड़क को निर्माण 14 वें वित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि से कराया जाएगा।
विजय कुमार, नगर आयुक्त