फिरोजाबाद। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा लागू रोडटैप स्कीम में छूट का दायरे बढ़ाने की मांग को लेकर निर्यातक एसोसिएशन एवं ईपीसीएच आगामी एक सितंबर को सांसद, क्षेत्रीय विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपेंगे। देश व प्रदेश के निर्यातकों के विभिन्न संगठनों ने इस मुद्दे पर एकजुटता का संकेत दिए हैं। द एक्सपोर्ट एसोसिएशन के मुकेश बंसल टोनी ने यह जानकारी दी।
रोडटैप स्कीम के तहत निर्यातक योग्य उत्पादों पर लगने वाले माल भाड़ा में महज 1.3 प्रतिशत की छूट के प्रावधान से देश व प्रदेश के निर्यातक संतुष्ट नहीं हैं। निर्यातकों की माने तो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अन्य देशों से प्रतिस्पर्धा के लिये रोडटैप स्कीम में छूट का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए। शनिवार को एक्सपोर्ट प्रोमेशन काउंसिल ऑफ हैंडीक्राफ्ट यानि ईपीसीएच के तत्वावधान में हुई एक वर्चुअल मीटिंग में सेंट्रल रीजन व नार्थ सेट्रल रीजन के निर्यातक मौजूद रहे।
ईपीसीएच अध्यक्ष राजकुमार मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई मीटिंग का संचालन महानिदेशक डॉ राकेश कुमार ने किया। वर्चुअल मीटिंग में मौजूद निर्यातकों ने सर्व सहमति से आगामी एक सितंबर को क्षेत्रीय सांसदों व विधायकों के अलावा अन्य जनप्रतिनिधियों को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के नाम ज्ञापन दिए जाने का निर्णय हुआ। वर्चुअल मीटिंग में अवधेश अग्रवाल, सरवर हुसैन, सिंगराज सिंह आदि प्रमुख निर्यातक मौजूद रहे।
बैठक में मौजूद रहे मुकेश बंसल टोनी ने रोडटैप स्कीम में व्याप्त विसंगतियों पर तर्कपूर्ण तरीके अपना पक्ष रखा। एक्सपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष के अनुसार कांच उत्पादों के निर्माण की लागत में तीस प्रतिशत भाग नेचुरल गैस का होता है। नेचुरल गैस में दस प्रतिशत वैट एवं एक्साइज ड्यूटी भी लगती है। जो कि जीएसटी कवर से बाहर है। ऐसे में कांच निर्यातकों द्वारा तैयार किये कांच उत्पादों की लागत अन्य देशों की अपेक्षा ज्यादा हो जाती है।