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आक्रोशित लोगों ने जलेसर रोड पर लगाया जाम

Wed, 24 Aug 2016 11:37 PM IST
Amar Ujala
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आक्रोशित लोगों ने जलेसर रोड पर लगाया जाम - फोटो : Amar Ujala
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ब्रह्मदेव मंदिर की भूमि पर कब्जा करने का विरोध कर किया हंगामा
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सूचना पर पुलिस बल के साथ पहुंचे तहसीलदार
कब्जा न होने के आश्वासन पर माने ग्रामीण
जलेसर रोड स्थित ब्रह्मदेव मंदिर (पीपल वाला मंदिर) की भूमि पर कब्जा करने की सूचना पर मुईनउद्दीनपुर, दौतलपुर, पचवान, रुधऊ और नगला राधे के ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ब्रह्मदेव पुलिस चौकी के समीप जलेसर मार्ग पर जाम लगा दिया। तहसीलदार द्वारा मंदिर की भूमि को कब्जा न होने का आश्वासन पर ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत कर दिया।
दौलतपुर गांव के बाहर जलेसर को जाने वाले मार्ग पर वर्षों पुराना ब्रह्मदेव मंदिर है। इस मंदिर के पीछे खाली जगह पड़ी है। बाउंड्री के अंदर भगवान की प्रतिमाएं भी लगी है। ग्रामीणों ने बताया कि इस जगह को मंदिर के लिए गांव तोड़का निवासी हीरा सिंह बघेल ने दान में दिया था। मंदिर के पीछे खाली पड़ी जगह का प्रयोग धार्मिक आयोजन के लिए किया जाता है। इस जगह का बैनामा हीरा सिंह बघेल के नाती ने किसी ओर के नाम कर दिया था। इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई तो उन्होंने विरोध किया। उस समय पुलिस ने करीब 180 लोगों को शांतिभंग में पाबंद कर दिया था। बुधवार को मंदिर के पीछे पड़ी खाली जगह पर निर्माण कार्य के लिए निर्माण सामग्री भी जमीन खरीदने वाले पक्ष ने मंगा ली। इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई तो वह आक्रोशित हो गए। ग्रामीण पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ब्रह्मदेव मंदिर पर पहुंच गए और जलेसर फीरोजाबाद मार्ग पर जाम कर दिया। सूचना पर तहसीलदार सदर जीत सिंह राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। तहसीलदार ने आक्रोशित लोगों को समझाते हुए आश्वासन दिया कि मंदिर की भूमि पर कब्जा नहीं होने दिया जाएगा।
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मंदिर से जुड़ी है लोगों की आस्था
मंदिर से लोगों की आस्था जुड़ी है। यह मंदिर करीब सौ वर्ष पुराना है। बुजुर्ग जिस भूमि को मंदिर के लिए दान कर गए। उसका बैनामा करना गलत है। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों से बात की जाएगी।
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- दयावीर सिंह प्रधानपति ग्राम दौलतपुर।

मैं 22 साल से मंदिर की सेवा कर रहा हूं। इससे पहले वीरी सिंह महात्मा मंदिर की देखभाल करते थे। भूमि को लेकर 20 साल तक कोई विवाद नहीं था। पिछले दो साल से यह विवाद खड़ा हुआ है। कुछ लोगों ने जबरन कागज पर हस्ताक्षर कराने के लिए दबाव भी बनाया था।
                                                  - रमनानंद महाराज मंदिर महंत ब्रह्मदेव महाराज।

 
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