खुले में कूड़ा जलने और धूल का गुबार उड़ने से सुहागनगरी की आबोहवा खराब हो रही है। इससे अस्थमा, सांस के रोगियों और बुजुर्गों को सांस लेने में विशेष समस्या हो रही है।
दिवाली से पहले सुहागनगरी में हवा की गुणवत्ता बिगड़ी, जाम भी है प्रमुख कारण
सुहागनगरी की हवा में हानिकारक तत्वों के अलावा कार्बनिक तत्वों की मात्रा बढ़ी
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में दिवाली से पहले सुहागनगरी में हवा की गुणवत्ता बिगड़ने लगी है। मौसम में आए बदलाव और वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए बनाई कार्ययोजना में झोल के कारण हवा में घुलनशील धूल के कण, कार्बनिक तत्वों और मेटल की मात्रा बढ़ गई है। बुधवार को शहर में कई स्थानों पर कूड़ा जलने व सर्विस रोड पर धूल के गुबार उड़ते नजर आए।
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टीटीजेड एरिया स्थित सुहागनगरी में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए बनाई कार्य योजना धरातल से दूर है। यही कारण है कि सुहागनगरी में हवा की गुणवत्ता का ग्राफ नीचे खिसक रहा है। बीते तीन-चार दिन से सुहागनगरी की हवा में हानिकारक तत्वों पीएम-2.5 और पीएम-10 के अलावा कार्बनिक तत्वों की मात्रा बढ़ रही है।
यही कारण है कि बुधवार की शाम पांच बजे सुहागनगरी में हवा की गुणवत्ता सूचनांक 121 के पार पहुंच गया। खास बात है कि एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद भी जिम्मेदार विभाग दिनोंदिन बिगड़ रही हवा की गुणवत्ता को लेकर अनजान बने हुए हैं।
सुलग रहा था कचरा
हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए बनाई कार्ययोजना के तहत कूड़ा-कचरा और लकड़ी सुलगाने पर पूर्ण प्रतिबंध है। इसके बाद भी बुधवार की सुबह सात बजे दाऊदयाल पीजी कॉलेज के सामने हाईवे पुल के नीचे कचरा सुलगते हुए दिखा।
सर्विस रोड पर उड़ रही थी धूल
बीते 2021 में सीपीसीबी की टीम ने अत्याधिक धूल उड़ने वाले स्थलों राजा का ताल, नगला भाऊ, बंबा बाईपास और आसफाबाद को हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया था। इन इलाकों में वाहनों के टायरों से चिपककर उड़ने वाले धूल के कणों की रोकथाम के लिए कहा था, लेकिन बुधवार को भी नगला भाऊ से राजा का ताल तक सर्विस रोड पर धूल के गुबार उड़ते दिखाई दिए।
छोटे पर नकेल, बड़े ठेकेदारों की अनदेखी
टीटीजेड एरिया में हवा की सेहत खराब करने वाले कारकों पर सख्ती से अंकुश लगाने के उच्च स्तरीय निर्देश हैं। फिर भी शहर में निगम, पीडब्ल्यूडी, डूडा आदि विभागों के अधीन निर्माण कार्य स्थलों पर हरा पर्दा लगाने, निर्माण सामग्री पर पानी का छिड़काव जैसे उपायों की अनदेखी की जा रही है।
मोबाइल पर नजर, जाम से बेखबर यातायात पुलिस
जैन मंदिर, जाटवपुरी, नगला बरी और आसफाबाद चौराहा अति संवेदनशील हैं। इन चौराहों पर सुबह से रात तक कई बार जाम की समस्या रहती है। सड़कों पर बेखौफ खड़े होने वाले ऑटो और मैजिक के कारण जाम लगता है। चौराहों पर तैनात यातायात पुलिस कर्मियों की निगाहें जाम की समस्या पर कम और मोबाइल की स्क्रीन पर ज्यादा होती है। जाम भी हवा की गुणवत्ता को बिगाड़ रहा है।
बुधवार शाम 5 बजे सुहागनगरी में हवा की गुणवत्ता, मॉनीटरिंग केंद्र विभव नगर
क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि हवा की गुणवत्ता की नियमित मॉनीटरिंग शुरू हो गई है। हवा की गुणवत्ता को खराब करने वाले तत्वों की रोकथाम के लिए जरूरी प्रयास करेंगे। जिन बिंदुओं पर खामी नजर आएगी, सुधार के लिए उन विभागों को पत्र जारी किया जाएगा।