फिरोजाबाद। ईको गाड़ी की लूट के लिए औरैया के चालक सलमान की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी वैज्ञानिक सफलता मिली है। आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) ने यह साफ कर दिया है कि बरामद हड्डियां और जला हुआ शव सलमान का ही था। पुलिस ने सलमान के पिता के डीएनए का हड्डियों से मिलान कराया था, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इस पुष्टि के बाद अब पुलिस मुकदमे में हत्या की धाराएं बढ़ाकर दो फरार आरोपियों की घेराबंदी तेज करेगी।
औरैया के भटपुरा निवासी सलमान (22) 7 नवंबर 2025 को ईको गाड़ी लेकर फिरोजाबाद आया था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि शातिर गैंगस्टर निवासी निलोई, जसवंत नगर, इटावा, उसके साले अभिषेक निवासी हरदोई, सैफई, इटावा और साथी राजकुमार निवासी सहपऊ, हाथरस और रामवीर उर्फ वीरा निवासी हरदोई, सैफई, इटावा ने मिलकर ईको लूटने की योजना बनाई थी। मनीष को ऑटो की जगह ईको गाड़ी चाहिए थी, जिसके लिए आरोपियों ने पहले गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या की और फिर साक्ष्य मिटाने के लिए शव को जलाकर सिरसागंज में हाईवे के बाईपास पर ठिकाने लगा दिया था।
वैज्ञानिक साक्ष्यों ने घेरा, अब बढ़ेगी हत्या की धारा
मामले में गिरफ्तार आरोपी राजकुमार, रामवीर ने पहले ही पूरी वारदात कबूल ली थी, लेकिन शव की शिनाख्त एक बड़ी चुनौती थी। पुलिस ने जले हुए शव से प्राप्त हड्डियों के नमूने और सलमान के पिता वाजिद अली के डीएनए का मिलान कराया।
इंस्पेक्टर योगेंद्र पाल सिंह ने बताा कि अब अपहरण की प्राथमिकी में हत्या और साक्ष्य मिटाने की धारा भी बढ़ेंगी।
जेल में बनी थी ''''मौत की जोड़ी'''', अब पुलिस को तलाश
मुख्य आरोपी मनीष और राजकुमार की दोस्ती जेल में हुई थी। ये दोनों पहले से ही जसवंत नगर, इटावा में एक शिक्षक के अपहरण के मामले में गैंगस्टर एक्ट के आरोपी हैं। मास्टरमाइंड मनीष और उसका साला अभिषेक अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पुलिस अब फरार जीजा-साले की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
डीएनए जांच में पुष्टि हो गई है कि शव सलमान का ही था। अब मामले में हत्या, साक्ष्य मिटाने की धारा बढ़ागे। फरार चल रहे मनीष और अभिषेक की गिरफ्तारी के लिए टीमें सक्रिय हैं, जल्द ही उन्हें जेल भेजा जाएगा।
- प्रवीण तिवारी, सीओ सिटी