विद्युत विभाग की लापरवाही ने एक संविदा लाइनमैन की जान ले ली। बिना शट-डाउन दिए लाइनमैन को हाईटेंशन विद्युत खंबे पर चढ़ा दिया। हाईटेंशन तारों से चिपककर लाइनमैन की मौत हो गयी। गुस्साए लोगों ने स्टेशनरोड पर जाम लगा दिया। यही नहीं वाहनों में तोड़फोड़ कर दी। इसके साथ ही विद्युत कार्यालय में तोड़फोड़ करते हुए रिकार्ड बाहर फैंक दिया तथा आग के हवाले कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस, पीएसी ने लोगों पर लाठियां फटकारी। मौके पर पहुंचे आला अधिकारियों ने किसी तरह लोगों को शांत कराया। तब करीब चार घंटे बाद खंबे पर झूलते रहे शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मामले में एसडीओ, जेई, ठेकेदार व एसएसओ के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करायी गयी है।
मामला रविवार दोपहर 12 बजे करीब का है। ग्रामीण क्षेत्र चुल्हावली के लिए जाने वाली हाईटेंशन लाइन का तार राजकीय बालिका इंटर कालेज के अंदर टूट गया था। इसे जोड़ने के लिए लाइनमैन देवेन्द्र सिंह पुत्र वीरेन्द्र सिंह निवासी भगवती नगर को भेजा गया था। देवेन्द्र ने लाइन का तार जोड़ने को बाकायदा बिजली घर पर ड्यूटी कर रहे एसएसओ शीलेन्द्र सिंह पौनियां से स्वीकृति ली गई थी, किंतु जैसे की देवेन्द्र तार जोड़ने खंबे पर चढ़े, तभी अचानक विद्युत आपूर्ति सुचारू कर दी गई। इसके चलते देवेन्द्र की करंट लगने से मौत हो गई।
घटना की जानकारी होने पर परिजनों के साथ ही सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए। एसडीएम श्रीराम यादव, सीओ प्रशांत कुमार भी मौके पर जा पहुंचे। पुलिस ने शव उतारने का प्रयास किया तो परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। परिजन बिजली अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। काफी देर तक जब बिजली अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे तो परिजनों का गुस्सा भड़क गया। महिलाओं ने स्टेशनरोड पर दाऊजी एचडीएफसी बैंक के सामने जाम लगा दिया। इस दौरान ऑटो, कार, बस आदि वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई। किसी तरह जाम खुलवाकर महिलाओं को घटना स्थल पर लाया गया।
परिजनों ने जेई डीबी सिंह, एसएसओ शीलेन्द्र पौनियां को निलंबित करने के साथ ही उपखंड अधिकारी मनीष कुमार, ठेकेदार निरंजन सिंह, अवर अभियंता धर्मवीर सिंह व एसएसओ शीलेन्द्र सिंह के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने एवं एसडीएम द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख रुपये दिलाने की घोषणा को लिखित में देने की मांग कर दी। प्रशासन ने परिजनों की सभी मांगों को मान लिया, किंतु मुआवजे का आश्वासन लिखित में देने की बात पर मामला बिगड़ गया।
महिलाओं ने फिर से राजकीय बालिका इंटर कालेज के सामने जाम लगा दिया। युवाओं ने विद्युत कार्यालय में तोड़फोड़ करने के साथ ही अभिलेखों को तहस-नहस कर दिया। इस दौरान अभिलेखों में आग भी लगाई गई, किंतु आग विकराल रूप धारण करती उससे पहले ही मौके पर पहुंची पुलिस ने उपद्रवियों पर लाठियां फटकारते हुए वहां से खदेड़ दिया और आग को बुझाया। मामला बढ़ता देख पूरे जनपद के फोर्स को मौके पर बुलाने के साथ ही अपर जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक राकेश पांडेय भी मौके पर पहुंच गए और हंगामा कर रहे लोगों की मांगे मानने का आश्वासन देकर शव को खंबे से नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा।
पुलिस ने मृतक की पत्नी बालादेवी की तहरीर के आधार पर उपखंड अधिकारी मनीष कुमार, जेई धर्मवीर सिंह, ठेकेदार निरंजन सिंह व एसएसओ शीलेन्द्र सिंह के विरुद्ध दर्ज कर दिया। इस दौरान शव करीब चार घंटे तक खंबे पर ही लटका रहा। स्टेशनरोड पर भी करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा।