टूंडला तहसील के आठ राजस्व गांवों को तहसील फीरोजाबाद में मिलाए जाने की मांग के विरोध में बार एसोसिएशन के अधिवक्ता न्यायालयों, कार्यालयों से विरत रहे। वहीं नारेबाजी करते हुए विरोध-प्रदर्शन किया।
गौरतलब है कि जनपद में सिरसागंज तहसील के बनने की घोषणा के बाद से फीरोजाबाद तहसील के कई गांवों में सिरसागंज तहसील में मिलाए जाने का प्रावधान किया गया है। ऐसे में फीरोजाबाद बार एसोसिएशन ने टूंडला तहसील के आठ राजस्व गांवों को सदर तहसील से मिलाए जाने की मांग उठा रखी है।
इसको लेकर बार एसोसिएशन टूंडला के अधिवक्ताओं में आक्रोश है। अधिवक्ताओं ंने 30 मार्च तक तहसील में न्यायिक कार्य के बहिष्कार का ऐलान किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राम रक्षपाल सिंह ने कहा कि टूंडला तहसील से पूर्व में ही पांच गांव आगरा की एत्मादपुर तहसील में जा चुके हैं। इस तरह अब 98 गांव ही रह गये हैं। अगर फिर से आठ गांव निकलते हैं तो टूंडला में मात्र 90 गांव ही रह जायेंगे। ऐसे में तहसील में रजिस्ट्री ऑफिस भी नहीं रहेगी। तब टूंडला के लोगों को रजिस्ट्री कराने फीरोजाबाद जाना पडे़गा। कहाकि किसी भी कीमत पर टूंडला के गांवों को फीरोजाबाद तहसील में शामिल नहीं होने देंगे।
बैठक में सुधाकर उपाध्याय, योगेश स्वरूप भटनागर, दिलीप पचौरी, सुधीर गौतम, राज किशोर बघेल, विजेंद्र वीर सिंह, राहुल कुमार सिंह, त्रिविक्रम शर्मा, शील कुमार गौतम, उमाशंकर निषाद, महेशचंद्र, प्रवीन यादव, डीपी यादव, डीपी सिंह, नरसिंह पाल सिंह, धीरेंद्र शर्मा, बैनाम लेखक लाखन सिंह वर्मा, अशोक उपाध्याय, अशोक कुमार आदि थे।