टूंडला क्षेत्र में भी आलू, गेहूं की बर्बाद फसल को देख सदमे में आए किसान की मौत हो गई। उसका आठ दिन से उपचार चल रहा था।
थाना नगला सिंघी क्षेत्र के गांव टीकरी निवासी किसान नीरज पौनियां (58) पुत्र समशेर सिंह पौनियां खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। परिवार में उनकी पत्नी, सात पुत्रियां व दो पुत्र हैं। नीरज ने करीब सात बीघा में गेहूं व सात बीघा में आलू की फसल की थी। बारिश और ओलावृष्टि से फसल चौपट हो गई। 16 मार्च को नीरज खेतों पर गए थे। जब लौट कर आए तो अचानक उनकी तबियत खराब हो गई। उन्हें प्राइवेट चिकित्सक के पास ले जाया गया। वहां से उन्हें गत मंगलवार को जिला अस्पताल भेज दिया। उसके बाद उन्हें आगरा रेफर कर दिया। बुधवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। उनके पुत्र शिवम का कहना है कि उसके पिता की मृत्यु फसल के बर्बाद होने के सदमे से हुई है। फसल के बाद पिता बहन प्रिया की शादी करना चाहते थे। परिवारीजनों में कोहराम मचा हुआ है।
किसान की मौत के बारे में जानकारी मिली है। मौके पर लेखपाल को भेजकर जांच कराई जा रही है। मामला संदिग्ध प्रतीत होता है। प्रथम दृष्टिया किसान की मौत सदमे से नहीं बीमारी के चलते होना प्रतीत है। फिर भी मामले की जांच करा रहे हैं।
श्रीराम यादव, उपजिलाधिकारी, टूंडला