शिकोहाबाद। औधोगिक गलियारे के लिए अधिग्रहीत की जा रही भूमि के मुआवजा राशि में नसीरपुर व गोसपुरा गांव के किसानों के साथ सर्किल रेट के भेदभाव के विरोध में मंगलवार को सातवें दिन अधिवक्ताओं ने बैनामा की रजिस्ट्री का कार्य बंद रखा। अधिवक्ताओं ने नारेबाजी भी की। वहीं नसीरपुर कट पर किसानों ने चौथे दिन भी प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।नसीरपुर गांव में वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद कुमार यादव व उनके परिवार की लगभग 50 बीधा जमीन अधिग्रहीत हो रही है। मंगलवार को उम्मेद बाबू महासचिव के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन हुआ। वक्ताओं ने कहा कि नसीरपुर, करनपुर, अतापुर, अवावकपुर व गोसपुर के किसानों के साथ सर्किल रेट के नाम पर भेदभाव किया जा रहा है। हमारी मांग कि नसीरपुर, गोसपुर, अवावकपुर, सलेमपुर चक व गोसपुर के किसानों के साथ भेदभाव न किया जाए। इस मौके पर योगेंद्र उर्फ बंटी यादव, जय कुमार, अजय शाक्य, रवींद्र, अनुज, सोनू, प्रदीप, अनिल, सर्वेश, रक्षपाल सिंह, राजीव, रामकिशोर, दिनेश सिंह, अशोक यादव सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे।
वहीं नसीरपुर कट पर गोसपुर और नसीरपुर गांव के लगभग 200 किसानों ने मंगलवार को चौथे दिन भी धरना जारी रखा। इस दौरान उनके समर्थन में भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिला अध्यक्ष प्रेम अतुल पहुंचे और समर्थन दिया। उन्होंने शिकोहाबाद एसडीएम अंकित वर्मा व सिरसागंज के विनीत कुमार को मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान नसीरपुर का पुलिस पुलिस फोर्स उपस्थित रहा। दोनों ही अधिकारियों ने किसानों को उनको उचित मुआवजा दिलाए जाने का आश्वासन दिया है।