फीरोजाबाद। जसराना तहसीलदार और अधिवक्ताओं के मध्य हुआ विवाद काफी बढ़ गया। तहसीलदार के रवैये से गुस्साए वकीलों ने न्यायालयों का बहिष्कार कर दिया। तहसीलदार की ओर से दर्ज मुकदमे में नामजद किए अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट से लेकर तहसील के कर्मचारियों ने कामकाज ठप्प रखा, धरना दिया और नारेबाजी की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि 24 घंटे में गिरफ्तारी नहीं हुई तो अनिश्चित कालीन हड़ताल करेंगे। कर्मचारियों का आंदोलन आमजन को महंगा साबित हुआ। दूरदराज ग्रामीण अंचल से आने वाले फरियादी बैरंग लौटने को विवश हुए।
जसराना के तहसीलदार एवं अधिवक्ताओं के मध्य विवाद सोमवार को उग्र हो गया। कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ ने कामकाज ठप्प करके मुख्यालय पर तालाबंदी की तथा धरना देते हुए नारेबाजी की। एडीएम कर्मेंद्र सिंह को ज्ञापन देते हुए कहा कि 24 घंटे में दोषी अधिवक्ता की गिरफ्तारी न हुई तो अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे।
उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष दौजीराम, जोनल मंत्री यादव कुमार तोमर एवं मंडलीय मंत्री अजीत उपाध्याय, संरक्षक मुकेश चौहान और जिला मंत्री प्रमोद कुमार शाक्य के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट के कार्यालयों के साथ जिला निर्वाचन, पूर्ति कार्यालय, कोषागार, सहायक आयुक्त स्टांप, कर्मचारी कैंटीन, आबकारी, मनोरंजन के साथ सभी कार्यालयों में तालाबंदी की। कामकाज को ठप्प करने के पश्चात डीएम कार्यालय के बाहर धरना देकर नारेबाजी की। इस दौरान मुख्य रूप से प्रशासनिक अधिकारी अनिल साराभाई, रवींद्र भदौरिया, शकील उर्रहमान, सुधीर कुमार कुलश्रेष्ठ, रवींद्र सिंह, सौरभ गुप्ता, राजेंद्र खन्ना, शैलेंद्र शर्मा, संजय कुमार, सत्येंद्र कुमार, विजेंद्र गुप्ता, अकील अहमद, अरविंद शुक्ला, राजेंद्र सिंह, विनोद कुमार, रमेशचंद्र आदि ने विचार व्यक्त किए। जसराना तहसील के साथ ही फीरोजाबाद की तहसील में कामकाज ठप्प रहा।
बार अध्यक्ष के नेतृत्व में एसपी से मिले अधिवक्ता
तहसीलदार की ओर से दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग
मुकदमा वापस नहीं लेने पर दी आंदोलन की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
फीरोजाबाद। बार एसोसिएशन फीरोजाबाद अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव एडवोकेट के नेतृत्व में अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल एसपी पीयूष श्रीवास्तव एवं एडीएम कर्मेंद्र सिंह से मिला। उन्होंने ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि अधिवक्ताओं के खिलाफ तहसीलदार की ओर से दर्ज कराए मुकदमे को तत्काल वापस लिया जाए। यदि शीघ्र ही मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो अधिवक्ताओं की तहरीर पर तहसीलदार के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। एसपी ने अधिवक्ताओं को उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इस दौरान बार महासचिव सर्वेश यादव एडवोकेट, उदयवीर सिंह यादव एडवोकेट, प्रभात नगीना एडवोकेट, अब्दुल नगीन खान, जसराना बार अध्यक्ष ओम कार सिंह यादव एडवोकेट, संजीव सिंह यादव के साथ काफी अधिवक्ता शामिल थे। तहसील बार एसोसिएशन ने सदर तहसील में कोई कार्य नहीं होने दिया। अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों का स्थानांतरण एवं मुकदमा वापस लिया जाए। अधिवक्ताओं के साथ टाइपिस्ट, फोटोग्राफर और स्टांप विक्रेताओं ने हड़ताल रखी। इसके कारण तहसील में कोई कामकाज नहीं हो सका। तहसील में आने वाले फरियादियों को बैरंग लौटना पड़ा। सचिव योगेशचंद्र सगर, राधामोहन चक्रवर्ती, मनोज कुमार सिंह, विजय प्रकाश यादव, हनुमंत सिंह गोरख, गजेंद्र सिंह बौद्ध, चरन सिंह यादव, रामबाबू, राजेश राठौर और श्याम सुंदर सहित अन्य अधिवक्ता शामिल थे।
जसराना में अधिवक्ताओं एवं कर्मचारियों के बीच तल्खी बढ़ती जा रही है। दो दिन बाद तहसील खुली तो तहसील में फरियादियों की भीड़ रही। जहां अधिवक्ताओं ने विरोध में कोई कार्य नहीं किया तो कर्मचारियों ने तालाबंदी कर तहसील धरना देकर नारेबाजी की। इसके कारण तहसील में आए फरियादी बैरंग लौटने को विवश हुए। नीलकमल यादव, मुखलेश, ओमकार सिंह यादव, कृपाल सिंह, भुवनेश, बलबीर सिंह चौहान शामिल थे। तहसील के कर्मचारियों का लेखपाल संघ ने समर्थन किया है।
एडीएम ने बुलाया फोर्स
कलेक्ट्रेट में एक ओर कर्मचारियों के द्वारा तालाबंदी की जा रही थी। वहीं दूसरी ओर अधिवक्ता नारे लगा रहे थे। दोनों की नारेबाजी सुनकर एडीएम ने तत्काल ही पुलिस फोर्स को सूचना दे दी। एसडीएम ने जवानों से कहा कि वह बने रहें किसी के कार्य में कोई हस्तक्षेप न करें, ताकि इनमें टकराव की स्थिति न बने।