टूंडला। पत्नी की हत्या में वांछित चल रहे दरोगा को पुलिस ने 11 माह बाद टूंडला रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने विवाहेत्तर संबंधों में बाधक बनने पर पत्नी को मौत के घाट उतारा था। आरोपी दरोगा एसएसपी अलीगढ़ कार्यालय में तैनात था।
विदित हो कि थाना जसराना के घिरौर रोड निवासी संतोष यादव पुत्री प्रेमपाल सिंह यादव का विवाह 24 फरवरी 1995 को अलीगढ़ के थाना सासनी के गोपालपुरी निवासी दरोगा अवधेशपाल सिंह यादव पुत्र कमल सिंह यादव के साथ हुआ था। विवाह के बाद से ही पति-पत्नी के बीच अनबन होती रही। इसके चलते संतोष ने लखनऊ में अवधेशपाल सिंह के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था। दोनों के बीच हुए समझौते के बाद वह पत्नी को लेकर सूर्य नगर टूंडला निवासी जगदीश प्रसाद के मकान में किराए पर रहने लगा था। विगत नौ अगस्त 2014 को संतोष की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पुलिस ने मृतका के पिता प्रेमपाल की सूचना पर शव का पोस्टमार्टम कराया था। मृतका के परिवारीजनों का आरोप था कि अवधेशपाल के एक महिला कांस्टेबल से संबंध थे। पूर्व में भी संतोष को आड़े आने पर मारने का प्रयास किया गया था। अवधेश की जीवन बीमा पालिसी में भी नामिनी के रूप में भी महिला कांस्टेबल का नाम दर्ज है। 15 अगस्त 2014 को प्रेमपाल सिंह निवासी घिरोर रोड जसराना ने अवधेशपाल सिंह, सास स्नेहलता, देवर राकेश पाल, बृजेश कुमार, ससुर कमल सिंह निवासी गोपालपुरी थाना सासनी अलीगढ़ एवं महिला कांस्टेबल के विरुद्ध संतोष की जहर देकर हत्या कर देने का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए पांच आरोपियों को घटना से निकाल दिया था। शनिवार को अवधेश पाल सिंह को रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया। वह वर्तमान में एसएसपी अलीगढ़ के यहां तैनात था। पुलिस उसे 11 महीने बाद गिरफ्तार कर सकी है।