जसराना। पीड़ित को जमीन की बिक्री करने के बाद भी पिता-पुत्र ने बैंक के शाखा प्रबंधक, फील्ड ऑफिसर एवं पैनल अधिवक्ता के साथ सांठगांठ कर फर्जी कागजात तैयार करा ऋण ले लिया। राजस्व अभिलेखों से पीड़ित का नाम भी हटवा दिया। पीड़ित ने पुलिस से गुहार लगाई। कार्रवाई नहीं होने पर अदालत की शरण ली। अदालती आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पूरे मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
कोतवाली जसराना में दर्ज कराए अभियोग में लवकुश उर्फ लंकुशपाल सिंह निवासी श्यौमई थाना खैरगढ़ का कहना है कि उसने अपने भाई भूरे सिंह उर्फ अभिषेक के साथ दास कुंवरि निवासी नगला पर्दमन थाना जसराना से 2014 में जमीन खरीदी थी। बिक्री के समय दास कुंवरि के पति सुरेश चंद्र एवं पुत्र बच्चू सिंह गवाह थे। 12 फरवरी 2015 को जमीन का दाखिल खारिज पीड़ित के पक्ष में हो गया। आरोप है कि सुरेश चंद्र, बच्चू सिंह निवासी नगला पर्दमन थाना जसराना ने यूनियन बैंक की शाखा दबरई के शाखा प्रबंधक, फील्ड आफिसर एवं पैनल अधिवक्ता के साथ मिलकर जमीन के फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और बैंक से 8.5 लाख रुपये का ऋण ले लिया। षडयंत्र के तहत आरोपियों ने 12 अक्तूबर 2022 को राजस्व अभिलेखों से भी पीड़ित का नाम हटवा दिया। इसके बाद पीड़ित ने न्यायालय में गुहार लगाई तो न्यायालय ने पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया न्यायालय के निर्देश पर रिपोर्ट दर्ज कर पूरे मामले की जांच की जा रही है।