फिरोजाबाद के रसूलपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की सात साल की मासूम से दुष्कर्म के प्रयास का आरोपी गैंगस्टर सोमवार सुबह जिला अस्पताल से फरार हो गया। दोपहर में उसे पुलिस ने फिर से मुठभेड़ में थाना नारखी क्षेत्र के दाऊ दयाल डिग्री कॉलेज के पास से गिरफ्तार किया। इधर, पुलिस अभिरक्षा से भागने का केस उत्तर थाने में रसूलपुर इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार ने गैंगस्टर संतोष और उसकी अभिरक्षा में तैनात एक दरोगा, एक हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल पर दर्ज कराया है। एसएसपी ने तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। बताया गया है कि ड्यूटी के दौरान तीनों सो गए थे।
रविवार को रसूलपुर थानाक्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने अपनी सात साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के प्रयास का केस थाने में दर्ज कराया था। आरोप था कि बच्ची शाम को शौच के लिए घर के बाहर गई थी। तभी वहां बच्ची को एक आरोपी ने दबोच लिया। पुलिस ने सीसीटीवी खंगाले तो आरोपी की पहचान गैंगस्टर संतोष निवासी ओमनगर के तौर पर हुई। आरोपी गैंगस्टर संतोष निवासी ओमनगर कॉलोनी, थाना लाइनपार को पुलिस ने फतेहाबाद रोड पर बरी चौराहा के पास से रविवार देर शाम मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। उसके पैर में गोली लगी थी, जिसके चलते उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
उसकी अभिरक्षा के लिए दरोगा धनपाल सिंह, हेड कांस्टेबल कमल सिंह और कांस्टेबल विशाल बाबू को तैनात किया गया था। सोमवार तड़के 5.30 बजे तीनों पुलिसकर्मियों की आंख लग गई। गैंगस्टर संतोष इसका फायदा उठाकर हाथ में बंधी हथकड़ी को अंगोछा से ढक कर फरार हो गया। सूचना पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सीसीटीवी आदि खंगाले गए।
रामलीला मैदान में अंगोछा पड़ा मिला। पुलिस की तीन टीमें उसकी तलाश में लगी थीं कि मुखबिर से उसके नारखी थाना क्षेत्र में दाऊ दयाल कॉलेज के पास होने की सूचना मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की तो आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी। घायलावस्था में उसे गिरफ्तार कर पुलिस ने उपचार के लिए कड़ी सुरक्षा में भेजा।
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