शिकोहाबाद। षडयंत्र के तहत युवक की शादी कराने के मामले में थाना पुलिस को दो साल बाद सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने शादी करवाने के एक आरोपी को मुखबिर की सूचना पर हिरासत में लिया है। आरोपी को न्यायालय से जेल भेज दिया गया।
जनपद आगरा के थाना डॉकी नगला भोज निवासी संजय दीक्षित की शादी जुलाई 2022 में अनिल निवासी तांसपुरा थाना फतेहाबाद आगरा, गोपाल निवासी शेरपुरा भूड़ा थाना नारखी, संगीता उपाध्याय ने मिलकर थाना शिकोहाबाद के बोझिया निवासी मनोज की बहन आरती उपाध्याय के साथ करा दी थी। आरोप है कि शादी कराने के नाम पर उक्त आरोपियों ने पीड़ित से 1.65 लाख रुपये लिये थे। शादी के बाद आरती अपने भाई मनोज, बहन संगीता उपाध्याय एवं उनके परिचित अनिल तथा गोपाल को रुपयों की आवश्यकता होने की बात कहकर एक लाख रुपये लेने के लिए दवाव बनाने लगी थी। रुपये न देने पर बलात्कार के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी देने लगी थी।
इसके चलते पीड़ित ने अपनी पत्नी के कहने पर एक लाख रुपये उसे दिये थे। आरोप है कि पीड़ित को जानकारी करने पर ज्ञात हुआ कि उसकी पत्नी आरती उपाध्याय का सही नाम कल्पना है, जिसकी पूर्व में ही दिखतौली निवासी हरी बाबू से शादी हो चुकी है। साथ ही संगीता उपाध्याय का असली नाम मालती नागर निवासी नई आबादी रहना थाना उत्तर है। इसके बाद से पीड़ित की पत्नी भी एक लाख रुपये लेकर कहीं चली गई। पीड़ित ने इस घटना की रिपोर्ट 11 अक्तूबर 2022 को थाना शिकोहाबाद में दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस घटना में शामिल आरोपी अनिल कुमार को मुखबिर की सूचना पर रुपसपुर के पास से गिरफ्तार कर लिया। जिसको पुलिस ने जेल भेजा है। इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार ने बताया कि यह मामला दो वर्ष पुराना है। उस मुकदमे में आरोपी फरार चल रहे थे। जिनमें से एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।