डिप्टी बीएसए तरुण कुमार ने सोमवार को कई प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों का निरीक्षण किया। इस दौरान जहां कई स्कूल बंद मिले। वहीं 39 शिक्षक भी अनुपस्थित थे।
प्राथमिक विद्यालय प्रेमपुरा-रैपुरा का डिप्टी बीएसए ने सुबह 9.17 मिनट पर निरीक्षण किया, तो विद्यालय बंद था। स्कूल में तैनात तीनों शिक्षक गैरहाजिर थे। वहीं प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल सोफीपुर में पांच-पांच शिक्षक, अनुदेशक अनुपस्थित थे। प्राइमरी स्कूल शंकरपुर सुबह 9.45 बजे बंद मिला। बच्चे स्कूल के बाहर घूम रहे थे। प्राइमरी स्कूल नगला चूरा में बंद मिला, चारों शिक्षक अनुपस्थित थे। कटीनगर में दो शिक्षक, सैलानी में एक, उच्च प्राथमिक स्कूल कबीरपुर सैलानी में तीन, प्राइमरी रामदासपुरा में एक, प्राइमरी गढ़ी तिवारी में एक, यूपीएस गढ़ी तिवारी में एक, प्राइमरी चंद्रवार में दो शिक्षक अनुपस्थित मिले। वहीं प्राइमरी कबीरपुर में सुबह 10.28 बजे बंद मिला। गैरहाजिर सभी शिक्षकों के वेतन भुगतान पर रोक लगाने के निर्देश उन्होंने दिए हैं। निरीक्षण में एबीआरसी दिनेश यादव भी उनके साथ थे।
निरीक्षण के लिए बना नेटवर्क भी फेल
बेसिक शिक्षा विभाग में सिर्फ निरीक्षण के लिए नेटवर्क बना है। बीएसए, एबीएसए, एबीआरसी, एनपीआरसी, जिला समन्वयक निरीक्षण करते हैं। बीएसए दफ्तर में बने हेल्पलाइन सेवा से भी अध्यापकों की जांच होती है। फिर भी शिक्षकों की मनमानी पर लगाम नहीं लग पा रही है।
रोटी-सब्जी की गुणवत्ता खराब, नोटिस जारी
डिप्टी बीएसए तरुण कुमार ने प्राथमिक विद्यालय आर्यनगर में एमडीएम की जांच की। यह एनजीओ द्वारा मध्याह्न भोजन वितरण की व्यवस्था है। डिप्टी बीएसए के मुताबिक रोटी-सब्जी की गुणवत्ता बेहद खराब थी। एनजीओ को नोटिस भेजा गया है।