शिकोहाबाद। वृद्धा के साथ हुई लूट की कहानी पुलिस की प्रारंभिक जांच में पूरी तरह फर्जी निकली। वृद्धा ने कर्जदारों से बचने के लिए लूट की झूठी कहानी पुलिस को सुनाई थी। पुलिस ने हालांकि इस मामले में वृद्धा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।
थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांव में आरौंज निवासी मंगला देवी (70) सुबह 10 बजे करीब अपने घर से बालाजी मंदिर दर्शन के लिए निकली थी। उसी दौरान उसने संस्कृत पाठशाला के पास दो छात्राओं को लूट की कहानी बताई थी। यह बताते हुए वृद्धा बेहोश हो गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। जिसने वृद्धा को बेहोश होने के चलते उपचार के लिए संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती करा दिया था। पुलिस ने वृद्धा के दिये हुए बयानों की जांच की, तो उसकी बैंक से 50 हजार रुपये धन निकासी की बात पूरी तरह से फर्जी निकली। इंस्पेक्टर अनुज कुमार ने बताया कि महिला पर गांव में कर्जा हो गया था। कर्जदारों से बचने के लिए उने लूट की झूठी कहानी तैयार की थी। संवाद