फीरोजाबाद। सुहागनगरी में धुआं उगल रहीं एक सैकड़ा से अधिक पकाई भट्ठियों की बंदी को जिला प्रशासन ने डेड लाइन जारी कर दी है। सात अक्तूबर को हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा कोयला से संचालित पकाई भट्ठियां बंद कराना शुरू कर दिया जाएगा।
शहर में करीब चार सैकड़ा से अधिक पकाई भट्ठियां संचालित हैं, जिसमें 20 प्रतिशत गैस तथा 80 प्रतिशत कोयल से संचालित हैं। यह भट्ठियां शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्र बरी का नगला, शीतल खां, पेमेश्वर गेट, नई आबादी, नगला मोती, वकीलपुरा में संचालित हैं। दिन-रात धुंआ उगलने से हजारों महिलाएं, पुरुष, बच्चे, वृद्ध टीवी, खांसी, आंखों की रोशनी कम होने की समस्या से जूझ रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा संचालकों को दी गई मोहलत समाप्त हो चुकी है। मामले में अंतिम सुनवाई हाईकोर्ट में सात अक्तूबर को होनी है। प्रदूषण नियंषण बोर्ड द्वारा किए गए स्पाट वेरीफिकेशन में अधिकांश पकाई भट्ठियां कोयला से संचालित मिली हैं। यह रिपोर्ट प्रदूषण नियंत्रण द्वारा हाईकोर्ट एवं जिला प्रशासन को सौंप दी गई है। डीएम ने रिपोर्ट के आधार पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सात अक्तूबर को हाईकोर्ट में सुनवाई के तुरंत बाद पकाई भट्ठियों बंद कराने के आदेश जारी कर दिए हैं। इससे संचालकों में हड़कंप मच गया है।