फीरोजाबाद। सुहागनगरी में शनिवार को आधे घंटे तक हुई झमाझम बरसात ने राहगीरों, नई आबादी के बाशिंदों की मुश्किलें बढ़ी दीं। शहर के निचले इलाके ताल तलैया बन गए। स्कूली बच्चे व राहगीरों को गिरते-पड़ते पानी से निकलते देखा गया। घंटों बाद भी निचले इलाकों में पानी भरा हुआ था।
शनिवार सुबह मौसम साफ था। इसके बाद दस बजे आसमान में काली घटाएं छा गईं। 11 बजे रिमझिम बारिश और उसके बाद हुई झमाझम बारिश ने लोगों को संभलने तक का मौका नहीं दिया। शहर के मुख्य गांधी पार्क, बस स्टैंड, जिला अस्पताल, जलेसर रोड, रामलीला चौराहा, कोटला चुंगी, नगला बरी विजय नगर टंकी सहित नई आबादी के क्षेत्र रामगढ़, कश्मीरी गेट, शीशग्रान, आकाशवाणी रोड, मोहम्मदगंज सहित निचले इलाके ताल तलैया बन गए। मुख्य मार्गों, सर्विस रोड पर जलभराव के चलते वहां से निकल रहे वाहन बंद हो गए। चालकों को जलभराव के बीच से वाहनों को खींचना पड़ा। सर्विस रोड पर जगह-जगह खुले मैनहोलों ने भी राहगीरों, वाहन चालकों की मुसीबत बढ़ा दी। कोटला चुंगी स्थित हीरो कंपनी शोरूम के समीप खुले मैनहोल में एक बालक का एक पैर फंस गया गनीमत रही कि राहगीरों ने तुरंत ही उसका पैर निकाल लिया।
ट्राली के लिए खरीद कर लाना पड़ता है डीजल
कश्मीरी गेट नूरी मजिस्द के आसपास महीनों से जलभराव की समस्या है। समस्या के निदान को नगर निगम द्वारा अलग-अलग दो ट्रालियां लगवाई गईं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि नगर निगम द्वारा दिखाने के लिए ट्रालियां लगवा दी हैं। गलियों में भरे पानी को निकालने के लिए डीजल खरीद कर लाना पड़ता है। ट्राली भी ऐसी हैं कि आए दिन खराब हो जाती हैं।
सड़क ऊंची होने से गली-मकानों में घुसा पानी
कश्मीरी गेट में नगर निगम द्वारा दो-तीन माह पूर्व इंटरलाकिंग सड़क का निर्माण कराया गया था लेकिन अफसर और ठेकेदारों की लापरवाही का खामियाजा क्षेत्रीय जनता को भुगतना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि ठेकेदार ने गली को ऊंचा बना दिया है जबकि मुख्य सड़क काफी नीची है। इससे वहां पानी भरा रहता है। बारिश में घरों में भी पानी भर जाता है।
अच्छी बरसात से किसानों के खिले चेहरे
सितंबर माह की शुरूआत से हर रोज बरसात हो रही है, जिससे लोगों को काफी हद तक भीषण गर्मी व उमस से निजात मिली है। किसानों को भी बारिश ने काफी राहत प्रदान की है।