विधानसभा निर्वाचक नामावली को दुरुस्त करने के लिए बीएलओ घर-घर दस्तक देंगे। आयोग के सॉफ्टवेयर ने जिले में 92 हजार से अधिक मतदाताओं के वोटर कार्ड में गड़बड़ है। बीएलओ को इनका सत्यापन करके अपनी रिपोर्ट संबंधित तहसील को देनी होगी। बीएलओ के सुपरविजन की जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्र के लेखपालों को सौंपी र्गइ है। 30 जून को प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से कार्य की समीक्षा करेंगे।
विधानसभा चुनाव 2017 के आने से पूर्व आयोग का ध्यान मतदाता सूची के साथ बूथों को दुरुस्त करने की ओर है। यही कारण है कि आयोग ने सूची को सही करने के साथ बूथों को भी राजनीतिक दलों की सहमति के आधार पर ठीक करने एवं बदलने का काम पूरा करना चाहता है। आयोग की सख्ती का परिणाम है कि जिला प्रशासन डी-डुप्लीकेट मतदाताओं के सत्यापन की समीक्षा स्वयं डीएम को करने के आदेश दिए हैं। आयोग के सूत्रों की मानें तो डी डुप्लीकेट सॉफ्टवेयर के माध्यम से जिले में करीब 92 हजार मतदाताओं के नाम आदि को सुधारना होगा। इसमें बड़ी संख्या में मृतक होने के साथ कइयों के पिता के नाम एक जैसे हैं। वहीं कइयों के नाम, पिता के नाम एक और कइयों के नाम शहर के साथ गांव में होने के कारण आयोग ने इन्हें पकड़ा है। कइयों में पति के स्थान पर पत्नी एवं पिता के स्थान पर बेटा का नाम अंकित है। डीएम एवं जिला निर्वाचन अधिकारी निधि केसरवानी ने मतदाता सूची से डी डुप्लीकेट मतदाताओं को हटाने से पूर्व सत्यापन के लिए 1838 बीएलओ को जिले के पांच विधानसभा क्षेत्र में तैनात किया हैं। इनके देखरेख का काम दस बीएलओ पर संबंधित क्षेत्र के एक लेखपाल को होगा। बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर सूची को ठीक किया जाएगा। सॉफ्टवेयर की ओर से पकड़े गए डी डुप्लीकेट मतदाता सही मिले तो जिले में 16 लाख 67 हजार 966 मतदाताओं में से 92 हजार कम हो जाएंगे। 30 जून को आयोग द्वारा प्रगति की समीक्षा वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से की जाएगी।
राजनीतिक दलों की बैठक कल
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी रेनू अग्रवाल ने बताया कि कि डीएम निधि केसरवानी की अध्यक्षता में बूथ से संबंधित सभी राजनीतिक दलों की बैठक 29 जून पूर्वाह्न 11 बजे से कलक्ट्रेट सभागार में होगी।