फिरोजाबाद। पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत शहर में जगह-जगह पाइप लाइन डाली गई, लेकिन जलनिगम ने मानक के अनुरूप सड़क निर्माण नहीं कराया गया। ऐसी स्थिति में नगर निगम प्रशासन की मुश्किल बढ़ गई है।
432 करोड़ की पेयजल पुनर्गठन योजना पर जलनिगम द्वारा कार्य कराया गया है। जलनिगम द्वारा जेड़ाझाल नहर से आने वाले गंगाजल को शहर की जनता तक पहुंचाने के लिए पूरे शहर में पाइप लाइन डाली गई है। डेढ़ दर्जन से अधिक नए सीडब्लूआर, ओवरहैड टैंक बनाए गए हैं।
वर्तमान में करीब 70 प्रतिशत आबादी तक गंगाजल पहुंच रहा है। जलनिगम द्वारा जिन क्षेत्रों में पाइप लाइन डाली गई हैं, वहां महीनों बाद भी मानक के अनुरूप सड़कें नहीं बनाईं। कई स्थानों पर सड़कें खुदी पड़ी हैं। जनता परेशान है। नगर निगम में लगातार सड़क निर्माण को शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं। ऐसी परिस्थिति से निपटने को नगर निगम द्वारा जलनिगम से पूरी रिपोर्ट मांगी है कि आखिर शहर में अब तक कितने किमी. पाइप लाइन डाली गई है, इसके सापेक्ष कितने किमी. सड़क निर्माण किया गया है।
उखड़ी सड़कों पर जाम, छात्र-छात्राएं परेशान
एसएन सबस्टेशन से फिरोजाबाद क्लब तक पाइप लाइन डालने का कार्य कई दिन पूर्व समाप्त हो चुका है। कार्य होने के बावजूद सर्विस पूरी तरह ऊबड़-खाबड़ हाल में है। ऐसे में कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। मथुरा नगर में महीनों से सड़क खुदी पड़ी है, जबकि उस मार्ग पर कई विद्यालय हैं। हजारों छात्र-छात्राओं का आवागमन होता है। होली के त्योहार से पूर्व विद्यालय के शिक्षकों ने नगर निगम में धरना भी दिया, लेकिन अभी सड़क नहीं बन सकी। घंटाघर स्थित बजरिया में करीब 100 मीटर हिस्सा छोड़ दिया गया है, जिससे व्यापारियों को काफी परेशानी हो रही है। ऐसे हालात शहर के कई गली-मोहल्लों में है।
पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत पाइप लाइन डालने के संबंध में जलनिगम से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। नगर निगम व जलनिगम को किन क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण करना है।
विजय कुमार, नगर आयुक्त