फिरोजाबाद जिले में 40 पूर्व प्रधान और सचिव ने मिलकर सरकारी पैसे का जमकर दुरुपयोग किया। उन्होंने मनमानी ढंग से पैसे खर्च किए। इसका हिसाब मांगने पर वह नहीं दे पा रहे हैं। इस पर पंचायतीराज विभाग ने इनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। यहां 40 पूर्व प्रधान एवं उनके साथ रहे सचिव पंचायतीराज विभाग के शिकंजे में हैं। विभाग इनके खिलाफ नोटिस जारी करने की योजना बना चुका है। यदि नोटिस में खर्च की गई धनराशि का ब्योरा नहीं दे पाए तो इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। यह निर्देश जिले के अधिकारियों को लखनऊ में हुई पंचायतीराज समिति की बैठक में दिए गए हैं।
विज्ञापन
जिले में वित्तीय वर्ष 2011-12 एवं 2012-13 तथा 2013-14 की करीब 125 ग्राम पंचायतें ऐसी थीं, जिन्होंने राज्य वित्त एवं केंद्रीय वित्त से मिली धनराशि को मनमाने ढंग से खर्च कर किया। उनके पास खर्च का कोई हिसाब किताब नहीं है। इसकी हकीकत तब सामने आई जब पंचायतों के द्वारा खर्च की गई धनराशि का ऑडिट करने टीमें गांव-गांव पहुंची। हिसाब निकालने के बाद कई पूर्व प्रधान हैरान रह गए।
पंचायतीराज विभाग नोटिस जारी कर चुका है
पिछले दिनों जिला प्रशासन की ओर से दबाव डाला गया तो कई प्रधान एवं सचिव ने इसका निस्तारण कराया। कुछ को पंचायतीराज विभाग नोटिस जारी कर चुका है। जिले में 40 पंचायतें ऐसी हैं, जिनके द्वारा अभी तक खर्चे का हिसाब एवं अभिलेख मुहैया नहीं कराया गया।
लखनऊ में विधानसभा की पंचायतीराज समिति ने समीक्षा की। इस दौरान काफी नाराजगी जताई। समिति ने साफ कहा कि इन पूर्व प्रधान एवं सचिव का चिह्नांकन करें। साथ ही अभिलेख मंगाए जाने के सभी को नोटिस जारी करें। नोटिस देने के बाद भी यदि खर्च की गई धनराशि संबंधी अभिलेख मुहैया नहीं कराते है तो फिर इनके खिलाफ अभियोग दर्ज कराने तक की कार्रवाई की जाए। ताकि लाखों रुपया के खर्च का हिसाब मिलान हो सके।
दर्ज किया जाएगा मुकदमा
जिला पंचायत राज अधिकारी नीरज कुमार सिन्हा ने कहा कि जिले के 40 पंचायतो के पूर्व प्रधान एवं सचिव ऐसे हैं, जिन्होंने अभिलेख मुहैया नहीं कराए हैं। उनको नोटिस जारी किए जाएंगे। हिसाब नहीं दिया तो रिपोर्ट दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।