काम नहीं करने वाले मनरेगा योजना से जुड़े 39 रोजगार सेवकों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। विभाग ने निष्क्रिय रहने वाले रोजगार सेवकों की अलग से सूची बनाई है। शीघ्र ही इनकी सेवाओं को समाप्त करने की भी कार्रवाई ग्राम पंचायत की खुली बैठकों में की जाएगी। 39 की सूची पीडी डीआरडीए कार्यालय को मिल गई है।
मनरेगा योजना की धीमी होती चाल को तेज करने के ही लिए इसके तंत्र को मजबूत करने का काम किया जा रहा है। मनरेगा योजना की धनराशि कम खर्च करने वाले गांव के प्रधानों एवं सचिवों के साथ ही रोजगार सेवकों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। डीएम की सख्ती का ही परिणाम है काम नहीं करने वाले रोजगार सेवकों की सेवाओं से पृथक किया जा रहा है। हालांकि रोजगार सेवकों को हटाने का अधिकार ग्राम प्रधानों को होने कारण प्रधान खुली बैठक कर उन्हें हटाने का निर्णय ले रहे हैं।
पीडी डीआरडीए कार्यालय को शुक्रवार शाम तक मिली रिपोर्ट के आधार पर 39 रोजगार सेवकों को हटाने का निर्णय लिया है। इनमें टूंडला ब्लाक क्षेत्र से सर्वाधिक 30 तथा नारखी ब्लाक के नौ रोजगार सेवकों की सेवाओं को समाप्त किया है। इसके अलावा जिले के नौ ब्लाकों में करीब एक सैकड़ा रोजगार सेवकों पर सेवा समाप्त होने की तलवार लटक रही है।
ब्लाक का नाम सक्रिय निष्क्रिय
अरांव 12 06
एका 39 07
फीरोजाबाद 28 22
जसराना 26 12
खैरगढ़ 22 21
मदनपुर 18 14
नारखी 26 18
टूंडला 10 00
शिकोहाबाद 31 00
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कुल 212 100
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नोट- आंकड़े ब्लाकों से आई रिपोर्ट के आधार पर।
उन रोजगार सेवकों को ग्राम पंचायतों में प्रधानों ने खुली बैठक करके हटाया है जो पूरी तरह से निष्क्रिय थे। करीब एक सैकड़ा की सूची और तैयार की है। सक्रिय नहीं हुए तो सेवाएं समाप्त की जाएंगी।
सुजीत कुमार, सीडीओ फीरोजाबाद।