फिरोजाबाद। करीब तीन साल से इंवेस्टर्स समिट के दौरान आए प्रस्तावों को धरातल पर लाने की कोशिशें दोबारा शुरू हो गई है। तीन सदस्यीय कमेटी ने इंवेस्टर्स समिट 2023 के दौरान एमओयू साइन वाले प्रस्तावों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान करीब 37 लंबित प्रस्तावों के संबंध विभागों से कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा।
इंवेस्टर्स समिट 2023 के दौरान जिले में करीब 6300 करोड़ की लागत वाले 235 प्रस्तावों के एमओयू साइन कराए गए। इनमें से कांच व चूड़ी, कांच हस्तशिल्प, बायो गैस प्लांट स्थापना से जुड़े प्रस्ताव धरातल पर आ चुके हैं। वहीं कौशल विकास, पर्यटन, डेयरी और पशुपालन विभाग से जुड़े करीब 600 करोड़ के 37 प्रस्ताव अलग-अलग कारणों से धरातल से दूर हैं। इन सभी लंबित करीब 37 प्रस्तावों को धरातल पर लाने की कोशिशें जिला प्रशासन व उद्योग विभाग ने दोबारा शुरू करा दी हैं।
समीक्षा बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी संगीता गौतम ने लंबित प्रस्तावों से संबंधित विभागों को अन्य विभागों से समन्वय स्थापित कर लंबित प्रस्तावों को जल्द से जल्द धरातल पर लाने के निर्देश दिए।
इंवेस्टर्स समिट वाले प्रस्ताव-
डेयरी उद्योग व पशुपालन 12
कौशल विकास योजना 05
नवीन कोल्ड स्टोरेज की स्थापना 07
औद्यानिक खेती आधारित फूड प्रोसेसिंग 10
निजी क्षेत्र में सोलर प्लांट यूनिट 06
डीएम ने बनाई कमेटी, नियमित समीक्षा होगी
इंवेस्टर्स समिट 2023 और उसके बाद आए औद्योगिक इकाई संबंधी प्रस्तावों को धरातल पर लाने के लिए अब नियमित मॉनीटरिंग होगी। नियमित मॉनीटरिंग के लिए डीएम ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। कमेटी में अपर जिलाधिकारी संगीता गौतम के अलावा उप जिलाधिकारी मुख्यालय सुदर्शन कुमार और उपायुक्त उद्योग को शामिल किया गया है।
नए और पुराने एमओयू साइन वाले प्रस्तावों को धरातल पर लाया जाएगा। इंवेस्टर्स समिट 2023 व उसके बाद आए प्रस्तावों की नियमित मॉनीटरिंग को डीएम द्वारा तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है।
संध्या यादव, उपायुक्त उद्योग