खाद्य पदार्थों में मिलावट पर 36 लाख 12 हजार का जुर्माना
फिरोजाबाद। एडीएम कोर्ट ने खाद्य पदार्थों में मिलावट करने पर विक्रेताओं के पर 36 लाख 12 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने दिसंबर 2021 में 23 वादों को निस्तारित किया। इस कार्रवाई से विक्रेताओं में अफरा तफरी की स्थिति है।
जिला अभिहित अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि 28 जनवरी 2020 में शिकोहाबाद स्थित बजरंग ढाबा पर विक्रेता अतुल पचौरी से पनीर का नमूना लिया। इसकी गुणवत्ता मानक के विपरीत मिलने पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड देने के आदेश दिए। 5 दिसंबर 2018 में नगला राधे, सिरसागंज में भूपेंद्र से लिए लाल मिर्च पाउडर के नमूनों फेल होने पर तीन साल बाद कोर्ट ने जुर्माने की धनराशि निर्धारित की। कोर्ट ने भूपेंद्र पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुलाई 2018 में नालबंदान चौराहा स्थित मोहम्मद असलम की दुकान से लिया वेजिटेबल ऑयल की गुणवत्ता मानक के अनुसार नहीं पाई। कोर्ट ने विक्रेता से 25 हजार रुपये की धनराशि वसूलने के आदेश दिए। दिसंबर-2018 में नगला नोजर जसराना में प्रवीन कुमार के दूध टैंकर से लिए दूध की गुणवत्ता खराब मिली। इस पर 25 हजार रुपये, पाढ़म में सतीश के यहां साबूदाने की गुणवत्ता खराब मिलने पर 20 हजार और फिरोजाबाद में बिना लाइसेंस के पंकज ट्रेडर्स के नाम से फर्म संचालित करने पर अंकित गुप्ता पर 1 लाख रुपये अर्थदंड लगाया गया।
जाटवपुरी स्थित बल्लू की दुकान से लिया छेना मिठाई में गुणवत्ता सही न मिलने पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। नगला तुरकिया में बबलू को बिना पंजीकरण खाद्य कारोबार करने पर 1 लाख, संगम नगर कोटला रोड स्थित गोलू उर्फ मनोज की भोला डेयरी से लिया पनीर का नमूना फेल होने पर 2 लाख 20 हजार, सिरसांगज में बिना पंजीकरण पानी प्लांट संचालित करने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना सर्वेश कुमार पर लगाया गया। नगला रामा में दूध संग्रह केंद्र संचालक भुवनेश से लिए दूध के नमूने में हाइड्रोजन क्लोराइड की मिलावट मिलने पर 50 हजार रुपये, नगला बाग सिरसागंज में घी निर्माण फैक्ट्री से लिए नमूने में प्रतिबंधित पदार्थ मिलने पर 5 लाख 57 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
दूधिया हरी सिंह पर 2 लाख, श्याम प्रोविजन स्टोर के संचालक अजय कुुमार पर 2 लाख, शिकोहाबाद में पंकज द्वारा बिना लाइसेंस के कारोबार करने पर 1 लाख और बालाजी मंदिर के निकट पंकज द्वारा बिना पंजीकरण के कारोबार करने पर 1 लाख, दबरई में अनुष्का डेयरी संचालक से 3 लाख, साठ फुटा रोड पर सलीम द्वारा बिना पंजीकरण मीट शॉप चलाने पर 1 लाख, हिमांयूपुर में प्रमोद कुमार से लिए दूध के नमूने में गुणवत्ता मानक के विपरीत पाए जाने पर 50 हजार और पैकेट वाले दूध बनाने वाली कंपनी पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसी के साथ सिरसागंज में शिव कुमार से लिए मावा का नमूना फेल होने पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
संत रोड नई बस्ती में संचालित डंबर सिंह की किराने की दुकान बिना पंजीकरण के संचालित मिलने पर 1 लाख का अर्थदंड लगाया है। साठ फुटा रोड पर हनीफ की बिना पंजीकरण के मीट की दुकान संचालित मिलने पर 1 लाख रुपये जुर्माना लगा है। नालबंदान में असलम से लिया खाद्य ऑयल का नमूना फेल होने पर 2 लाख 25 हजार का जुर्माना लगाया है।
दूध में हाइड्रोजन क्लोराइड, मिठाई में अखाद्य रंग व केमिकल की हो रही थी मिलावट
फिरोजाबाद। खाद्य व सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि दूध में हाइड्रोजन क्लोराइड की मिलावट जांच में पाई गई। इसका सैंपल जांच के लिए भेजा था। मेडिकल कॉलेज के मेडिसन विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि हाइड्रोजन क्लोराइड का इस्तेमाल दूध को अधिक समय तक सुरक्षित रखने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसके सेवन से लीवर खराब होने लगता है। बच्चों को उल्टी, दस्त आदि समस्याएं होने लगती हैं। जिला खाद्य व सुरक्षा अधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि पनीर बनाने में जिस दूध का प्रयोग किया जाता है उस दूध से क्रीम निकाली जाती है। इससे पनीर के तत्व नहीं रहते हैं। मिठाई में अखाद्य रंग व केमिकल की मिलावट की जा रही थी। यह मिलावट मानव शरीर के लिए बेहद घातक रहती है। इसके सेवन से गुर्दों पर असर आता है। गुर्दे फेल होने का भी डर रहता है।