फिरोजाबाद। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत चलाए जा रहे महाअभियान के दूसरे दिन भी लक्ष्य के अनुरूप श्रमिकों को काम नहीं दिया जा सका। शुक्रवार को जिले के 30151 मनरेगा श्रमिकों को काम दिलाया गया। यह लक्ष्य के सापेक्ष 9849 श्रमिक कम है।
आजादी के अमृत महोत्सव के तहत मनरेगा योजना का एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाकर प्रतिदिन 40 हजार मनरेगा श्रमिकों को काम दिए जाने का लक्ष्य रखा था। जिले में इसकी शुरूआत 26 अगस्त से हो सकी। पहले दिन 28 हजार के करीब श्रमिकों को काम मिला था। दूसरे दिन लक्ष्य पूर्ति करने के निर्देश दिए थे। लेकिन दूसरे दिन करीब दो हजार श्रमिकों की संख्या बढ़ाते हुए 30151 मनरेगा मजदूरों को काम दिया गया। विभागीय सूत्रों के अनुसार शासन में बैठक होने के कारण अधिकारी ध्यान नहीं दे पा रहे है।
इसमें अरांव में 3584,एका में 4088, फिरोजाबाद में 2135जसराना में 2760,हाथवंत में 3416, मदनपुर ब्लॉक में 3667,नारखी में 3795,शिकोहाबाद ब्लॉक में 3284 तथा टूंडला ब्लॉक 3422 श्रमिकों को काम दिया गया। दूसरे दिन भी फिरोजाबाद ब्लॉक की स्थिति नहीं सुधर सकी। फिरोजाबाद में लक्ष्य 5035 श्रमिकों को रोजगार देने का था लेकिन यहां 2900 कम श्रमिकों को काम दिया जा सका है।