फिरोजाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अस्पताल के प्रबंधन की जिम्मेदारी एमबीए डिग्री धारक को देने की योजना बनाई है। प्रशासनिक व्यवस्थाएं संभाल रहे विशेषज्ञ चिकित्सकों को मरीजों का इलाज देने के लिए कहा है। जनपद में तैनात 21 चिकित्सकों ने लंबे समय से मरीजों का इलाज नहीं किया है। वह अस्पताल की देखरेख के साथ अन्य प्रशासनिक कार्यों में रहते हैं। जबकि मरीज चिकित्सक के अभाव में तड़पता रहता है। लोग झोलाछापों से इलाज कराने को मजबूर है।
मुख्यमंत्री ने सीएमओ, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, डिप्टी सीएमओ सहित अन्य पदों पर तैनात चिकित्सकों को ओपीडी में सेवाएं देने को कहा है। इन डॉक्टरों को जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी में रोटेशन के साथ ओपीडी में अपनी सेवाएं देनी होंगी। जिले में 21 चिकित्सकों को जिला अस्पताल, सीएचसी और अन्य स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रमों के नोडल की जिम्मेदारी दी है। इनमें 10 से ज्यादा विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। इन चिकित्सकों ने लंबे समय से मरीज का इलाज तो दूर, नब्ज टटोल कर नहीं देखी है। जनपद में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण मरीज निजी अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं।
- अभी हमारे पास आदेश नहीं आया है। शासन का जो भी आदेश होगा, उसका पालन किया जाएगा। शासन से ही संचालित कई कार्यक्रम हैं, जिनका नोडल एसीएमओ, डिप्टी सीएमओ को बनाया है। यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में ही लागू है।
डॉ. नीता कुलश्रेष्ठ, सीएमओ
स्वास्थ्य विभाग के यह अधिकारी हैं विशेषज्ञ चिकित्सक
- सीएमओ डॉ. नीता कुलश्रेष्ठ,- स्त्री रोग विशेषज्ञ
- एसीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव- सर्जन
- डिप्टी सीएमओ डॉ. बीपी सिंह- बाल रोग विशेषज्ञ
- मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा- रेडियोलॉजिस्ट
- जिला महिला अस्पताल सीएमएस डॉ. साधना राठौर - रेडियोलॉजिस्ट
- मेडिकल कॉलेज सीएमएस: डॉ. आरके पांडेय, हृदयरोग विशेषज्ञ
- मेडिकल कॉलेज प्रभारी सीएमएस डॉ. आलोक कुमार, एनेस्थीसिया
- एसीएमओ डॉ. प्रताप सिंह, एमबीबीएस
- जिला क्षय रोग अधिकारी- फॉर्मकोलॉजी