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Ram Mandir: फिरोजाबाद में कारसेवक की आपबीती, पुलिस की लाठियों से घायल हुए थे 18 लोग; 200 ने दी थी गिरफ्तारी

Sun, 14 Jan 2024 11:25 AM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

राम मंदिर आंदोलन के दौरान फिरोजाबाद के कारसेवक ने अपने अनुभव साझा किए। बताया कि पुलिस की लाठियों से 18 लोग घायल हुए थे। 200 लोगों ने गिरफ्तारी दी थी। 
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firozabad- कारसेवक सत्यवीर गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में भाजपा नेता व कारसेवक सत्यवीर गुप्ता ने अयोध्या मंदिर आंदोलन के लिए काफी संघर्ष किया था। नवंबर 1990 में तत्कालीन भाजपा नगर अध्यक्ष चंद्रप्रकाश गुप्ता के नेतृत्व में जुलूस निकालकर गिरफ्तारी दी। जब हिरनगांव स्थित अस्थाई जेल बनाकर उनको बंद किया। वहां अव्यवस्थाओं को लेकर आंदोलन व नारेबाजी की। तो तत्कालीन तहसीलदार राजेंद्र सिंह एवं पुलिस ने लाठीचार्ज किया था।

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मोहल्ला टीला निवासी सत्यवीर गुप्ता ने बताते हुए कहा कि राम मंदिर आंदोलन के लिए फिरोजाबाद के कार सेवक बसों के माध्यम से अयोध्या जाते थे तो जय श्री राम का नारा लगाने पर भी राम भक्तों की पुलिस पिटाई करती थी। लेकिन मंदिर को लेकर इतना जोश था कि पुलिस की लाठियां का कोई असर नहीं होता था। 

भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष चंद्रप्रकाश गुप्ता के नेतृत्व में एक टोली गिरफ्तारी देने को निकली तो पुलिस ने राजपुताना चौराहा पर एसओ ध्रुवलाल यादव के नेतृत्व में पुलिस ने लाठीचार्ज करने के साथ फायरिंग की थी। फिर भी घंटाघर तक पहुंचकर गिरफ्तारी दी थी। सभी को अस्थाई जेल हिरनगांव ले जाया गया। 
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अवस्थाओं को लेकर कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया तो पुलिस ने लाठियां चलाईं इसमें मैं सत्यवीर गुप्ता व राजीव पालीवाल कुक्कू, सुबोध अग्रवाल सहित 15 कार्यकर्ता घायल हुए थे। फिर सभी को मैनपुरी जेल भेजा था। वहां 18 दिन तक बंद रहे। 

यहां भाजपा के नेता रजनीकांत महेश्वरी, अधिवक्ता जगदीश शर्मा एडवोकेट व पुरुषोत्तम गुप्ता रिहाई परवाना लेकर पहुंचे तभी सभी की रिहाई हुई थी। रिहाई होने के बाद भी आंदोलन की धार तेज चलती रही। आज राम मंदिर बनने के साथ प्राण प्रतिष्ठा होने पर हम सबको बेहद खुशी है। भगवान राम की कृपा सब पर बरसती रहे यही मेरी आशा है।

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