गांधीपार्क बिजलीघर के अंतर्गत सुबह लाइन पर हुए फाल्ट को विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी 18 घंटे बाद भी नहीं ढूंढ पाए। 18 घंटे तक बिजली गुल रहने से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। घर, दुकानों में लगे इनर्वटर भी जवाब दे गए। वहीं सरकारी और प्राइवेट कार्यालयों, प्रतिष्ठानों में दिनभर जेनरेटर धड़धड़ाते रहे।
सुहागनगरी की विद्युत व्यवस्था को हाईटेक बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, उसके बाद भी एक फाल्ट ढूंढने में अधिकारियों और कर्मचारियों के पसीने छूट जाते हैं। गुरुवार को सुबह करीब चार बजे गांधीपार्क फीडर के अंतर्गत लाइन पर हुए फाल्ट ने आधे शहर की बत्ती गुल कर दी। 33 हजार की लाइन एक ही होने के कारण शहर के एसएन, गांधीपार्क व सुहाग नगर से जुड़े सभी क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। लाइन पर हुए फाल्ट को ढूंढने के लिए सुबह से शाम तक टीमों ने सुहाग नगर, गांधीपार्क, एसएन बिजली घर होते हुए नगला बरी, जाटवपुरी, रसूलपुर से आसफाबाद स्थित 220 विद्युत उपसंस्थान केंद्र तक चार बार पेट्रोलिंग की। इसके बाद भी फाल्ट ढूंढने में सफलता नहीं मिली। इसके बाद सुहाग नगर, कोटला चुंगी, नगला व जाटवपुरी पर बने सेक्शन खोल कर चेक कराए गए। एक फाल्ट को ढूंढने में विद्युत टीमें सुबह से शाम तक पसीना बहाती रहीं, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
इधर से सुबह से शाम तक बिजली न होने से भीषण गर्मी में लोग तिलमिला गए। बिजली न आने से घर, दुकानों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में लगे इनर्वटर भी जवाब दे गए। यहां तक कि लोग मोबाइल चार्ज करने को भी परेशान दिखे।
पानी का संकट खड़ा हुआ
बिजली नहीं आने की वजह से सुबह छह बजे होने वाली पेयजल आपूर्ति बाधित रही। ऐसे में लोग पानी के लिए खाली बर्तन लेकर इधर-उधर भटकते रहे। बिजली न होने के कारण प्राइवेट सबमर्सिबल भी नहीं चल सके। एक बाल्टी पानी के लिए लोगों को घंटों हैंडपंपों पर लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ा।
अफसरों के घनघनाते रहे फोन
सुबह से रात तक बिजली न आने के कारण उपभोक्ता खासे परेशान रहे। बिजली के संबंध में जानकारी करने के लिए अफसरों के दिन भर फोन घनघनाते रहे। कई अधिकारियों ने अपने फोन स्विच ऑफ कर लिए तो कई अधिकारी फोन रिसीव करने से बचते रहे।
सरकारी, प्राइवेट कार्यालयों में कामकाज बाधित
बिजली नहीं आने के कारण सरकारी व प्राइवेट कार्यालयों में कामकाज बाधित रहा। बिजली के अभाव में अधिकारी कर्मचारियों का हाल-बेहाल हो गया। वह कामकाज छोड़कर पसीना पोंछते नजर आए।
गांधीपार्क बिजली घर के अंतर्गत सुबह चार बजे फाल्ट हो गया था। सुबह से कई बार पेट्रोलिंग कराई गई, लेकिन फाल्ट न मिलने के कारण आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी। विद्युत टीमें लगातार फाल्ट ढूंढने में लगी हैं।
चंद्रशेखर आजाद, अधिशासी अभियंता