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जयकारों से गूंजे मंदिर, नाजे चढ़ाकर मांगी मनौतियां

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mata temple - फोटो : amar ujala
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फिरोजाबाद। नवरात्र महोत्सव की सुहागनगरी में धूम मची हुई है। मंदिरों में सुबह से देर रात तक मातारानी की झलक पाने को श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ रहा है। वहीं शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में नेजा चढ़ाने श्रद्धालु कैलादेवी व मां वैष्णोदेवी धाम पर पहुुंच रहे हैं।
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नवरात्र महोत्सव के सातवें दिन श्रद्धालुओं ने माता के सातवें स्वरूप कालरात्रि का विधि विधान से पूजन किया। प्रात: घरों में पूजा करने के बाद थाली सजाकर महिलाएं माता के मंदिरों में दर्शन को पहुंची। यहां दीपक जलाकर मां की स्तुति की। मां राजराजेश्वरी कैलादेवी भवन पर मंगला दर्शन करने वालों की सुबह कतार लगी रही।

हर कोई मां के दर्शन को आतुर नजर आया। उसायनी स्थित मां वैष्णोदेवी धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कोटला रोड स्थित पथवारी माता मंदिर सहित शहर के प्रमुख मंदिरों में मातारानी के दर्शनों को भीड़ उमड़ी। मंदिरों के साथ-साथ शहर में जगह-जगह प्रसाद वितरण किया गया।
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सुहागनगरी में मां वैष्णोदेवी मंदिर की स्थापना को नौ साल पूर्व हुई थी। 16 जनवरी 2010 को 51 विद्वान ब्राह्मणों ने मां वैष्णोदेवी मंदिर की धूमधाम से स्थापना की थी। मंदिर स्थापना के समय श्री वैष्णोदेवी की ज्योति जम्मू कटरा से नेहरूलाल नारंग, राजेश राठौर, महंत श्याम जी आचार्य के सानिध्य में र्लाई।

मंदिर के महंत गिरधारी लाल भारद्वाज बताते हैं कि मातारानी के दर्शन के लिए यहां दूरदराज से लोग आते हैं, उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यही कारण है कि हर साल भक्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि नवरात्र के दिनों में मां दुर्गा पृथ्वी पर रहती हैं, इसलिए सभी भक्तों के लिए उनके नौ रूपों की पूजा करना, दर्शन करने को बहुत फलदायी माना गया है।

सोनी का कहना है कि मां वैष्णोदेवी के दर्शन को हम परिवार सहित स्थापना से लगातार आते हैं। नवरात्र में दर्शन करने से सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

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पूनम सिंह का कहना है कि मां वैष्णोदेवी के दर्शन मात्र से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। नवरात्र महोत्सव में माता के दर्शनों का विशेष महत्व है।
मुन्नी देवी का कहना है कि नवरात्र में पूरे नौ दिन तक व्रत रखती हूं। पूरे परिवार के साथ हर साल मां वैष्णोदेवी के दर्शन करने से मन को शांति मिलती है।

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