फीरोजाबाद। टीटीएसपी घोटाले की जांच में टीम उलझ गई, सत्यापन में 40 टीटीएसपी नहीं मिलीं साथ ही 187 बंद थीं। इतना मौका देने के बावजूद निगम की फाइलों को उलटा तो 16 करोड़ से अधिक का खजाना मिल गया। ठेकेदारों को क्लीनचिट देता देख अफसरों ने फिर से फाइलों को खंगालना शुरू कर दिया। पीडब्ल्यूडी के साथ अन्य जांच अधर में हैं।
अमर उजाला ब्यूरो
फीरोजाबाद। प्रशासन जांच भले ही टीटीएसपी की कराने में जुटा था लेकिन नगर निगम की फाइलों को उलटना शुरू किया तो जल निगम के बैंक एकाउंट में करोड़ों की धनराशि मिल गई। 16 करोड़ से अधिक धनराशि वह है जो जिले में टीटीएसपी के साथ पाइप पेयजल योजनाओं के सुधार को विभाग को मिली थी। टीटीएसपी की स्थापना कहां की, इसे विभागीय अफसरों ने नहीं खंगाला था। जेई ने बिना कोई पड़ताल किए ही रिपोर्ट लगा दी। विभाग की मनमानी के कारण कई महीनों से चल रही जांच अभी तक पूरी नहीं हो सकी। पहले करीब 20 ठेकेदारों को आरोपित कर दिया गया। अभियोग दर्ज कराने की तैयारी कर ली। लेकिन ठेकेदारों ने सवाल उठाए तो जिले के आला अफसरों को हकीकत जानने को गांवों की दौड़ लगानी पड़ी। सीडीओ सुजीत कुमार एवं डीडीओ आरके राम खुद गांव की खाक छानने को विवश हैं। चिंता यही कि कहीं गलत ठेकेदारों को लाभ नहीं मिल जाए। जिनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो वह हकीकत में दोषी होने चाहिए। टीटीएसपी की स्थापना को 2008-09 से ही धनराशि मिलनी शुरू हुई थी।
वर्ष कुल आवंटित खर्च अवशेष धन
2011-12 से 1356.8550 1054.352 302.546
2013-14 में 345.376 46.315 299.665
2014-15 में 231.788 153.091 78.697
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कुल 1934.021 1253.713 680.308 लाख
टीटीएसपी मिला बजट खर्च अवशेष
753 4799.800 3849.090 950.71 लाख
यह आंकड़े जलनिगम की ओर से जांच टीम को भेजे पत्र के अनुसार हैं।
अधर में लटकी पीडब्ल्यूडी की जांच
फीरोजाबाद(ब्यूरो)। पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड में 25 करोड़ के घपले के पत्र मिलने के बाद इसकी जांच सीडीओ सुजीत कुमार की अध्यक्षता वाली कमेटी के द्वारा की जा रही है। इसमें पूर्व में आरईएस के प्रभारी एक्सईएन एई मोहम्मद शमीम के साथ वरिष्ठ कोषाधिकारी पुष्पराज के द्वारा जांच की जा रही थी। डीएम विजय किरन आनंद ने खुद अभिलेखों को लेने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग में टीम के साथ दस्तक दी थी। लेकिन अभी तक यह जांच भी टीटीएसपी के कारण अधर में लटकी हुई है। डीएम ने प्रांतीय खंड के साथ निर्माण खंड के बड़े कार्यों की जांच के निर्देश दिए थे।
टीटीएसपी स्थापना के घपले में अभियोग दर्ज कराने से पूर्व सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। डीडीओ के साथ खुद ही टीटीएसपी की स्थलीय जांच करूंगा। इसी के बाद अभियोग दर्ज होगा। जलनिगम के खातों में करीब 16 करोड़ का बजट मिला है।
सुजीत कुमार सीडीओ फीरोजाबाद।