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यूपी: धर्मस्थल निर्माण को लेकर बवाल

Wed, 25 Dec 2013 12:34 PM IST
अमर उजाला, संभल
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उत्तर प्रदेश के संभल में नखासा थाना क्षेत्र के महमूदपुर इम्मा में तीन दिनों से धर्मस्थल के पुनर्निर्माण को लेकर चल रहे विवाद को पुलिस प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया तो ग्रामीण खुद ही निर्माण कार्य रोकने पहुंच गए।
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इस पर दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और जमकर पथराव व फायरिंग हुई। जिससे गांव में तनाव फैल गया। पुलिस प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया है। साथ ही दोनों पक्षों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।

महमूदपुर इम्मा गांव में एक पुराने धर्मस्थल का जीर्णोद्धार तीन साल पहले विवाद के चलते रुकवा दिया गया था लेकिन ग्राम प्रधान व ग्रामीणों की आपसी सहमति से फिर निर्माण शुरू करा दिया गया।
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आरोप है कि दूसरे पक्ष ने समझौता तोड़कर धर्मस्थल का विस्तार कर लिया। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत पुलिस से की लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।

शाम को भाजपा जिलाध्यक्ष ने एसडीएम व सीओ से मिलकर नाराजगी जताई और दर्जनों ग्रामीणों के साथ प्रदर्शन भी किया। लेकिन पुलिस ने जब निर्माण नहीं रुकवाया तो खुद ही ग्रामीण निर्माण रुकवाने पहुंच गए तो दूसरे समुदाय ने पथराव शुरू कर दिया।

इस पर दोनों पक्षों की ओर से पथराव हुआ, कुछ लोगों ने हवाई फायरिंग भी शुरू कर दी। नखासा के प्रभारी निरीक्षक पुलिस बल के साथ पहुंचे। सीओ जगवीर सिंह अत्री, एसडीएम सीपी तिवारी, कोतवाली बीपी सिंह वालियान पुलिस व पीएसी के साथ पहुंचे। पुलिस ने वहां पर मौजूद भीड़ का खदेड़ दिया।

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साथ ही धर्मस्थल का निर्माण तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया। अपर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मिश्र ने बताया कि दोनों पक्षों में पथराव के बाद शांति हो गई थी लेकिन अफवाहों की वजह से क्षेत्र में भय फैल गया। गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस व पीएसी तैनात कर दी गई है। दोनों पक्षों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

डीआईजी समेत कई अफसर गांव पहुंचे
संभल जैसे सांप्रदायिक दृष्टि से अतिसंवेदनशील क्षेत्र के महमूदपुर इम्मा गांव में फायरिंग व पथराव की खबर डीजीपी कार्यालय तक पहुंची तो वहां से सीधे संभल के पुलिस अफसरों को लाइन पर ले लिया गया।

हालांकि क्षेत्राधिकारी जगवीर सिंह अत्री लगातार कह रहे थे कि मामला इतना बड़ा नहीं है लेकिन फिर भी लखनऊ में बैठे अफसर मान नहीं रहे थे। निर्देश पर पुलिस अधीक्षक डा. तहसीलदार सिंह व डीआईजी अमरेंद्र कुमार सेंगर भी मौके पर पहुंच गए।

जिलाधिकारी लाल बिहारी पांडेय मंगलवार को लखनऊ में थे, उन्होंने भी एसडीएम सीपी तिवारी से मामले की जानकारी कर शासन को अवगत कराया। सपा जिलाध्यक्ष फिरोज खां ने बताया कि प्रदेश कार्यालय से मामले की जानकारी मांगी गई तो उन्होंने बताया गया कि मामला इतना बड़ा नहीं है, जितना बताया जा रहा है।
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