गाजियाबाद के लोनी रोड स्थित पुराने कपड़ों के गोदाम में बृहस्पतिवार देर रात लगी भीषण आग में तीन बच्चों समेत एक बुजुर्ग की मौत हो गई। हादसे में एक महिला और बच्ची भी गंभीर रूप से झुलस गए।
भोपुरा-लोनी रोड स्थित कृष्ण विहार कुटी कालोनी में एक प्लाट को धर्मेंद्र ने राजपाल से किराए पर लेकर उसमें पुराने कपड़ों का गोदाम बनाया था।
धर्मेंद्र के पिता सत्यन दास (75), स्वर्गीय बड़े भाई मन्नू की पत्नी मंजू और बच्चे मनीषा (13), नकुल (8), भीम (7) और फूल (3) गोदाम में सो रहे थे। रात पौने एक बजे गोदाम में आग लग गई।
मंजू की आंख खुली तो उसने शोर मचाया और बेटी फूल को लेकर बाहर भागी, लेकिन सत्यनदास, मनीषा, नकुल और भीम तेज लपटों के कारण बाहर नहीं निकल सके।
चारों आग की चपेट में आ गए और उनकी झुलसकर मौत हो गई। सत्यन दास इलाज कराने एक फरवरी को ही भागलपुर से आए थे। चार घंटे की मशक्कत के बाद सुबह पांच बजे आग पर काबू पाया जा सका।
दमकल कर्मियों और पुलिस ने चारों शवों को बाहर निकाला। एसएचओ साहिबाबाद उपेंद्र यादव ने बताया कि चारों शव बुरी तरह से जल चुके थे। आग के कारण का पता लगाया जा रहा है।