बेटी के दुष्कर्मी को फांसी की सजा बरकरार रखने की मांग को लेकर सरधना थाना क्षेत्र की पांच वर्षीय बच्ची का पिता 26 जनवरी से जंतर-मंतर पर परिवार के साथ आमरण अनशन शुरू करेगा। उसने इस आशय का पत्र राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मानवाधिकार आयोग व राष्ट्रीय महिला आयोग को भेजा है।
सरधना निवासी ग्रामीण की पांच वर्षीय पुत्री से दुष्कर्म के पश्चात उसकी हत्या कर दी गई थी। दुष्कर्मी सतीश को आठ फरवरी 2005 को फांसी की सजा दी गई। तत्कालीन राष्ट्रपति ने 30 जून 12 को फांसी की सजा उम्रकैद में बदल दी। बच्ची के पिता अमरीश का कहना है कि दुष्कर्मी को फांसी पर लटकता देखने की खातिर उसने अपना सब कुछ बेच दिया। अब भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
अमरीश का कहना है कि उसे किसी से मदद नहीं मिली है। दुष्कर्मी को सजा दिलाने की कानूनी लड़ाई लड़ने की वजह से पूरा परिवार भुखमरी के कगार पर आ गया है। इसके बावजूद दुष्कर्मी को फांसी नहीं हुई। जब पूरा देश दिल्ली गैंगरेप की घटना के बाद बलात्कारियों को फांसी पर लटकाने की मांग कर रहा है तो वह भी अपनी बच्ची के दुष्कर्मी को फांसी दिलाने की मांग को लेकर परिजनों के साथ 26 जनवरी से जंतर मंतर पर आमरण अनशन शुरू करेगा।