उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में बेटी से छेड़छाड़ का विरोध करना एक पिता को महंगा साबित हुआ। ईद पर मस्जिद की सीढ़ियों पर ही उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई।
वारदात से गुस्साई भीड़ ने हंगामा करते हुए आरोपी के चाचा पर गुस्सा उतारा, जिसे बसपा सांसद कादिर राना किसी तरह उसे बचाकर वहां से निकाल लाए।
मामला दो समुदायों के बीच का होने के कारण गांव में तनाव फैल गया। गांव में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है।
शाहपुर थाना क्षेत्र के तावली निवासी इस्लाम उर्फ मोमन चिनाई मिस्त्री का काम करता था। सांझक गांव में ट्यूशन पढ़ने जा रही बेटी के साथ छेड़छाड़ करने पर इस्लाम ने पड़ोसी युवक प्रदीप प्रजापति की पिटाई कर दी थी।
पिटाई से क्षुब्ध आरोपी ने इस्लाम के परिवार को ईद पर सबक सिखाने की धमकी दी थी। शुक्रवार सुबह इस्लाम ईद की नमाज पढ़ने के लिए जा रहा था।
अभी वह मस्जिद की सीढ़ियां चढ़ ही रहा था कि उसी समय पीछे से आए प्रदीप ने उस पर गोली चला दी।
वह लहूलुहान होकर गिर गया। घटना से अफरातफरी मच गई। घायल इस्लाम को जिला अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
डीएम सुरेंद्र सिंह, एसएसपी मंजिल सैनी और एसपी देहात कल्पना सक्सेना कई थानों की पुलिस और पीएसी को लेकर मौके पर पहुंचे।
बसपा सांसद कादिर राना, रालोद के एमएलसी मुस्ताक चौधरी भी वहां आ गए। भीड़ ने हत्या के लिए प्रदीप के साथ उसके अधिवक्ता चाचा रामनिवास को भी आरोपित किया।
पुलिस रामनिवास को घर से पकड़कर चली तो भीड़ ने उस पर हमला बोल दिया। सांसद बीच में आकर रामनिवास को भीड़ से बचाकर बाहर की तरफ ले आए।
मृतक के भाई इलियास की ओर से प्रदीप, उसके चाचा रामनिवास और परिवार की ही किशोरी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।